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अगली बार देश को संबोधित करें तो संसद से बोलने की हिम्मत दिखाएं - ममता बनर्जी ने नरेंद्र मोदी पर किया कटाक्ष

ममता बनर्जी ने अपने पोस्ट में देशवासियों को उलझाने का आरोप लगाते हुए PM मोदी के बयानों की सच्चाई को लेकर भी सवाल उठाया।

By Moumita Bhattacharya

Apr 19, 2026 16:14 IST

अगली बार जब राष्ट्र को संबोधित करें तो संसद से करने की हिम्मत दिखाएं - अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से एक पोस्ट शेयर कर तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर कुछ इसी अंदाज में कटाक्ष किया।

शनिवार की रात को पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया जिसमें उन्होंने संसद में महिला आरक्षण बिल के पास नहीं होने की वजह विपक्ष का षड्यंत्र बताया। ममता बनर्जी ने अपने पोस्ट में देशवासियों को उलझाने का आरोप लगाते हुए उनके बयानों की सच्चाई को लेकर भी सवाल उठाया।

ममता बनर्जी ने लिखा कि अगली बार जब आप राष्ट्र को संबोधित करते हुए भाषण दे तो वह संसद के कक्ष से ही देने की हिम्मत करें। जहां आपको जवाबदेही, सवालों के जवाब और आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। आपने कल (शनिवार) जो किया वह कायरता, पाखंड और दोहरा आचरण है। असलियत में सत्ता आपके हाथों से फिसल रही है, यह आपको समझ में आ रहा है। उसे पकड़ कर रखने के लिए आप किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं।

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शुक्रवार को मोदी सरकार लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं करवा सकी। उसके बाद शनिवार की दोपहर को पता चला कि रात के प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं। हालांकि इस बात को लेकर शनिवार की रात से ही सवाल उठाए जा रहे हैं।

5 राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं जिसमें से 2 राज्य (बंगाल और तमिलनाडु) में खासतौर पर आदर्श आचार संहिता लागू है। विरोधियों का सवाल था कि क्या ऐसे समय में सरकारी मीडिया का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं?

रविवार को ममता बनर्जी ने X हैंडल पर लिखा कि अगर इतनी ही सच्चाई के साथ इस सरकार ने यह बिल पेश किया था तो 28 सितंबर 2023 को महिला आरक्षण बिल पास होने के करीब 3 सालों बाद तक इंतजार क्यों किया गया? कई राज्यों में जब चुनाव हो रहा है तब जल्दबाजी में इसे क्यों लाया गया?

क्यों इसके साथ डिलिमिटेशन को जोड़ दिया गया? तृणमूल पहले भी महिलाओं के पक्ष में रखी हुई है और भविष्य में भी होगी। लेकिन जो सत्ताधारी पार्टी यह बात नहीं समझती है और न ही सम्मान करती है, उनकी बातों को हम भी नहीं सुनेंगे।

तृणमूल बार-बार डिलिमिटेशन का विरोध कर रही है। ममता बनर्जी ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि महिलाओं को ढाल बनाकर मोदी सरकार अपना स्वार्थ साधने की कोशिश कर रही है। तृणमूल बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के संविधान को बदलने की विरोधी है, देश को बांटने की विरोधी है। यह संयुक्त राष्ट्र लोकतंत्र पर किया जा रहा प्रहार है, जिसे तृणमूल चुपचाप नहीं सहेगी।

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