इम्फाल : मणिपुर के उखरुल जिले में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। यहां अंधाधुंध गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक सेवानिवृत्त सेना कर्मी भी शामिल हैं। सभी मृतक नागा जनजाति से बताए जा रहे हैं।
यह घटना शनिवार को टी एम कासोम गांव में हुई। जानकारी के अनुसार कुछ लोग कार से यात्रा कर रहे थे तभी उन पर गोलीबारी की गई। आरोप है कि कूकी समुदाय के लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया। हमलावरों ने एक ही नहीं बल्कि कम से कम दो अन्य वाहनों को भी निशाना बनाकर फायरिंग की।
मृतकों में 46 वर्षीय एस डब्ल्यू चाइनाओशांग जो एक सेवानिवृत्त सेना के जवान शामिल हैं। उनका घर उखरुल इलाके में ही है। इसके अलावा इयरुइनगाम वासुम नाम के एक व्यक्ति सहित कुल तीन लोगों की इस घटना में जान गई है। इस हमले के बाद इलाके में दहशत फैल गई है। सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
इस घटना को लेकर नागा संगठनों में भारी रोष देखा जा रहा है। नागा संगठन “टांगखुल नागा लॉन्ग” ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे कूकी समुदाय के लोग हैं। वहीं मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच National Investigation Agency (NIA) को सौंपने का फैसला किया है। साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक मुआवजा देने की भी घोषणा की गई है।
पुलिस और प्रशासन के अनुसार शनिवार दोपहर नागा जनजाति के दो लोग इम्फाल से उखरुल जा रहे थे तभी उन पर हमला हुआ। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि 2023 से मणिपुर में कूकी और मैतेई समुदायों के बीच हिंसा जारी है जिससे हालात अभी तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। कुछ दिन पहले ही बिष्णुपुर जिले में बम धमाके में मैतेई समुदाय के दो बच्चों की मौत हुई थी।
राज्य सरकार लगातार शांति बहाल करने की कोशिश कर रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने उखरुल का दौरा कर लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया था लेकिन उसके अगले ही दिन इस हमले ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। कूकी और मैतेई समुदायों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिशें जारी हैं लेकिन यह हमला उस प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने दोषियों की पहचान कर कड़ी कारवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनका विश्वास बहाल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।