नई दिल्ली: भारत ने ईरान (Iran) के साथ हुए एक गंभीर समुद्री घटनाक्रम पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सरकार ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर कथित गोलीबारी की घटना को लेकर ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहली को विदेश मंत्रालय (MEA) में तलब किया। सूत्रों के अनुसार, यह घटना उस समय सामने आई जब रिपोर्टों में दावा किया गया कि दो भारतीय जहाजों को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वापस मोड़ने की कोशिश की और इस दौरान गोलीबारी की बात भी सामने आई।
इस घटना के बाद भारत ने औपचारिक रूप से विरोध दर्ज करते हुए ईरान से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है और भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।उधर, ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अब “सख्त सैन्य नियंत्रण” में रखा गया है। ईरानी पक्ष ने आरोप लगाया कि अमेरिका लगातार समुद्री प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है और उसकी वजह से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
ईरान के अनुसार, पहले बातचीत के बाद सीमित रूप से तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में समझौतों के उल्लंघन के कारण नियंत्रण कड़ा करना पड़ा। इस बीच, अमेरिका ने दावा किया है कि वह ईरान पर समुद्री नाकेबंदी जारी रखे हुए है और कई जहाजों को वापस लौटने के निर्देश दिए गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी अरब सागर में अपने युद्धपोत की तैनाती की तस्वीरें जारी की हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।