काठमांडू: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) को तीन हफ्ते के इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वे हाल ही में गॉलब्लैडर की सर्जरी के बाद डॉक्टरों की निगरानी में थे।
के पी शर्मा ओली को 28 मार्च को स्वास्थ्य कारणों के चलते काठमांडू स्थित त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग अस्पताल (Tribhuvan University Teaching Hospital) में भर्ती कराया गया था। उसी दिन उनकी गिरफ्तारी और स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चर्चा भी सामने आई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में ही इलाज के लिए रखा गया।
डॉक्टरों के अनुसार, उनके पित्ताशय यानी गॉल ब्लैडर में 22 मिमी की पथरी थी, जिसे सर्जरी के जरिए सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत में सुधार देखा गया और अब उन्हें स्थिर स्थिति में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, उनकी रिकवरी संतोषजनक रही और चिकित्सकों की निगरानी में उनकी स्थिति लगातार बेहतर होती गई।
रिपोर्टों के अनुसार, ओली को पहले स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन इसी दौरान 8 और 9 सितंबर 2025 को हुए जेन-जी आंदोलन से जुड़े मामले में जांच और पूछताछ भी सामने आई थी।
इस मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता में एक आयोग गठित किया गया था, जिसने हिंसा और मौतों की जांच की सिफारिश की थी। इसी आधार पर ओली और अन्य नेताओं पर कार्रवाई की बात सामने आई थी।
प्रशासन का कहना है कि उन्हें जांच के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में रखकर इलाज की अनुमति दी गई। फिलहाल डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि उनकी हालत स्थिर है और आगे की निगरानी की आवश्यकता नहीं है।