भुवनेश्वरः भुवनेश्वर में आयोजित 61वें फेमिना मिस इंडिया के भव्य फिनाले में साध्वी सतीश सैल को फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 का ताज पहनाया गया। अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने इसे “अविश्वसनीय अनुभव” बताया और इस अवसर के लिए गहरा आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इस समय की अनुभूति शब्दों में बयान करना मुश्किल है और वह इस मौके के लिए बेहद कृतज्ञ हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान सभी प्रतिभागियों के बीच गहरा जुड़ाव बना और सभी ने मिलकर बहुत ही सुखद समय बिताया। उन्होंने अपनी सह-प्रतियोगियों को भी विजेता मानते हुए कहा कि यह यात्रा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सामूहिक विकास और दोस्ती का अनुभव है।
उन्होंने आगे कहा कि उनके लिए उनकी सभी सखियाँ आज विजेता हैं और सभी का उद्देश्य भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन करना है। अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि इस सफर में उतार-चढ़ाव आए, लेकिन आयोजकों और मार्गदर्शकों के निरंतर सहयोग ने उन्हें मजबूती दी। उन्होंने विशेष रूप से किट विश्वविद्यालय और फेमिना संगठन की सराहना की, जिन्होंने हर परिस्थिति में प्रतिभागियों का ध्यान रखा।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने को लेकर उन्होंने उत्साह के साथ-साथ जिम्मेदारी की भावना भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह इस यात्रा को ईमानदारी, संवेदनशीलता और सच्चाई के साथ आगे बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने इसे अपनी यात्रा की शुरुआत बताते हुए देशवासियों से आशीर्वाद और समर्थन की अपील की। युवाओं के लिए संदेश देते हुए उन्होंने आत्मविश्वास और मौलिकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रतियोगिता की तैयारी केवल 3 महीने पहले शुरू की थी और दूसरों से तुलना न करने की सलाह दी। उनके अनुसार व्यक्ति की अपनी पहचान ही उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है।
महाराष्ट्र की राजनंदिनी पवार को फेमिना मिस इंडिया 2026 में प्रथम रनर-अप घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे कड़ी मेहनत और समर्पण है और यदि कोई सच्चे मन से कुछ चाहता है तो परिस्थितियाँ भी उसके अनुकूल हो जाती हैं। उन्होंने इसे अपने आगे के बड़े सफर की शुरुआत बताया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि और निर्णायक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन की भव्यता और महत्व की सराहना की। प्रसिद्ध नृत्य निर्देशक टेरेन्स लुईस ने कहा कि सुंदरता तो पहले से मौजूद होती है, लेकिन व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और मंच पर प्रस्तुति ही असली अंतर पैदा करते हैं। 30 राज्यों से आई प्रतिभागियों के बीच असली मुकाबला उनके व्यक्तित्व और आत्मविश्वास का होता है।
नृत्यांगना और अभिनेत्री लॉरेन गॉटलिब ने प्रतिभागियों के लिए संदेश दिया कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और खुद को अच्छा महसूस करें।
प्रतिभागियों और अतिथियों ने यह भी कहा कि फेमिना मिस इंडिया केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सशक्तीकरण, आत्म-खोज और परिवर्तन का मंच है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिभागियों को जमीन से जुड़े रहना चाहिए, अपनी विशिष्टता को अपनाना चाहिए और केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि बुद्धिमत्ता, संस्कृति और संवेदनशीलता का भी प्रतिनिधित्व करना चाहिए।