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अभया को मृत घोषित करने वाले आरजी कर अस्पताल के डॉक्टर की नाबालिग भगीनी लापता, तलाश जारी

डॉ. प्रमाणिक ने सवाल उठाया कि मैंने अभयाकांड के बाद आंदोलन में लिया था। क्या इसलिए किसी ने मेरी भगीनी का अपहरण कर लिया गया है?

By Moumita Bhattacharya

Apr 19, 2026 11:18 IST

एक तरफ जहां राज्य में चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गयी हैं। वहीं दूसरी ओर रहस्यमय तरीके से कोलकाता के आरजी कर अस्पताल के डॉक्टर तापस प्रमाणिक की नाबालिग भगीनी लापता हो गयी है। डॉ. तापस प्रमाणिक आरजी अस्पताल में आपातकालिन विभाग के मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।

बताया जाता है कि उक्त किशोरी को लापता हुए 72 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। काफी ढूंढने के बावजूद जब उसका कोई पता नहीं चल पाया तो परिवार की ओर से गायघाटा थाना में Missing Diary दर्ज करवायी गयी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डॉ. प्रमाणिक की भगीनी 14 वर्षीया किशोरी है। वह गायघाटा के ठाकुरनगर की रहने वाली बतायी जाती है। महज 3 साल की आयु में किशोरी की मां की मौत के बाद पिता अपनी बेटी की जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार नहीं थे।

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इसलिए वह अपने मामा के पास रहती थी। गौरतलब है कि डॉ. तापस प्रमाणिक ने ही सबसे पहले आरजी कर कांड में जूनियर डॉक्टर की मृत्यु की घोषणा की थी। वह आरजी कर आंदोलन का प्रमुख चेहरा भी रहे हैं। दावा किया जाता है कि उनका अभया के परिवार के साथ लगातार संपर्क भी बना हुआ है।

स्थानीय सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि डॉ. प्रमाणिक राजनीतिक तौर पर भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी तरुणज्योति तिवारी, सजल घोष और अभया की मां के समर्थन में चुनाव प्रचार में भी हिस्सा लिया था। ऐसे में अचानक उनकी भगीनी के लापता होने की घटना काफी चर्चाओं में छायी हुई है।

परिवार का दावा है कि 16 अप्रैल को सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक डॉ. प्रमाणिक आरजी कर अस्पताल में ड्यूटी पर थे, जब उन्हें अपनी नाबालिग भगीनी के लापता होने की जानकारी मिली। मीडिया को दिए अपने बयान में उन्होंने बताया कि उक्त किशोरी सुबह ट्यूशन पढ़ने गयी थी। उसके बाद से ही कोई जानकारी नहीं मिल रही है। इसके बाद ही गायघाटा थाना में किशोरी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवायी गयी।

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मीडिया से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि मैंने अभयाकांड के बाद आंदोलन में लिया था। भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार अभियान में भी शामिल होता हूं। क्या इसलिए किसी ने मेरी भगीनी का अपहरण कर लिया है? हमें कुछ समझ में नहीं आ रहा है। उन्होंने गायघाटा थाना पर भी कोई जवाब नहीं देने का आरोप लगाया।

इसके साथ ही राज्य के उच्चस्तरीय पुलिस अधिकारियों से भी आवेदन किया है कि जल्द से जल्द उनकी नाबालिग भगीनी को ढूंढ कर निकाला जाए। वहीं गायघाटा थाना के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद ही पुलिस हरकत में आ गयी है लेकिन नाबालिग किशोरी के पास कोई मोबाइल फोन नहीं होने की वजह से समस्याएं ज्यादा हो रही हैं।

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