घर-घर जाकर वोटिंग स्लिप वितरित करने के मामले में चुनाव आयोग ने कठोर रूख अपनाया है। वोटर स्लिप वितरित करते समय BLO को कौन-कौन से नियमों का पालन करना होगा, इस बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी दे दी गयी है। इसके साथ ही मतदान केंद्र पर भी कई नई व्यवस्थाएं भी की जाएंगी, जिनके बारे में जानकारी दी गयी है।
वोटर स्लिप वितरण के समय करना होगा इन नियमों का पालन
मतदाताओं के घर-घर जाकर वोटर स्लिप वितरित करने का काम BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर को करना होगा। प्रत्येक मतदाता के हाथों में वोटर स्लिप सौंपना होगा। वोटर स्लिप वितरित करते समय कौन से मतदाताओं को वोटर स्लिप वितरित नहीं हो सका और क्यों नहीं हो सका, इस बारे विस्तृत जानकारी प्रिसाइडिंग ऑफिसर के पास रहेगी।
वोटर स्लिप वितरित करते समय अगर कोई वोटर घर पर नहीं मिलता है तो वह उस समय घर पर क्यों नहीं था, यह प्रिसाइडिंग ऑफिसर तब पूछ सकते हैं जब उक्त वोटर वोट डालने गया हो। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से ढूंढकर, उसकी फोटो का मिलान कर प्रिसाइडिंग ऑफिसर उसे वोट डालने की अनुमति दे सकते हैं।
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मतदान केंद्रों पर रहेंगी कौन-कौन सी नई व्यवस्थाएं?
- मतदान केंद्र पर एक बार फिर से एएसडीडी सूची की जांच हो सकेगी यानी मृत-फर्जी और स्थानांतरित वोटरों की सूची।
- कोई व्यक्ति किसी और व्यक्ति के नाम पर वोट न डाल सकें, इसे चुनाव आयोग सुनिश्चित करना चाहता है।
- मतदान केंद्र के चारों तरफ रहेगी लक्ष्मण रेखा। सफेद चॉक से मतदान केंद्र के चारों ओर 100 मीटर में वृत्ताकार घेरा बनाने की योजना है। इस घेरे के अंदर मतदाताओं के अलावा अन्य किसी को भी प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
- मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच लक्ष्मणरेखा के बाहर ही BLO और एक अन्य सरकारी अधिकारी करेंगे। लक्ष्मणरेखा के अंदर दो टेबिल और रहेंगे जहां दस्तावेज जांचे जा सकेंगे।
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आज (शनिवार) शाम को डीएम, एसपी, एसडीपीओ, ओसी के साथ चुनाव आयोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बैठक करने वाली है। चुनाव से 72 घंटे पहले किसको कौन सी जिम्मेदारी संभालनी होगी, कहां किस प्रकार की व्यवस्था करनी होगी, कहीं गड़बड़ी होने पर क्या करना होगा इत्यादि के बारे में जानकारी दी जाएगी। बताया जाता है कि इस बार चुनाव में माइक्रो ऑब्जर्वर, केंद्रीय बल के जवानों और राज्य पुलिस के साथ बॉडी कैम भी रहेगा।
विधानसभा केंद्र में मौजूद सभी सीसीटीवी कैमरों से फूटेज पाने के लिए चुनाव आयोग इन कैमरों को नियंत्रित कर रहा है। अगर कहीं भी कोई संदेहास्पद गतिविधि दिखती है तो तुरंत कदम उठाया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं चुनाव के दौरान किस प्रकार का आचरण करने पर उसे अपराध के तौर पर ही माना जाएगी, इस बारे में आयोग ने विज्ञापन देकर भी जागरूकता फैलाने की योजना बनायी है।