श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक नई डिजिटल पहल शुरू की है। इसके तहत एक विशेष क्यूआर कोड सेवा लागू की जा रही है जिसे स्कैन करके पर्यटक किसी भी सेवा प्रदाता की पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे।
यह कदम पिछले साल पहलगाम में हुए एक भीषण आतंकी हमले के बाद उठाया गया है ताकि पर्यटकों के मन से डर दूर किया जा सके और फर्जी या असामाजिक तत्वों पर रोक लगाई जा सके। प्रशासन ने तय किया है कि अब घोड़ा मालिकों, हॉकर्स, स्थानीय दुकानदारों और अन्य सभी सेवा प्रदाताओं के लिए यह क्यूआर कोड रखना अनिवार्य होगा।
इस नई व्यवस्था के तहत जम्मू-कश्मीर के करीब 25 हजार व्यापारियों को जोड़ा जाएगा। फिलहाल लगभग 7 हजार व्यापारियों को यह क्यूआर कोड जारी किया जा चुका है।
पर्यटक जब भी पहलगाम में किसी सेवा का उपयोग करेंगे तो वे संबंधित व्यापारी के क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर सकेंगे। स्कैन करते ही उस व्यक्ति की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी जिससे पर्यटक यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि वे किससे सेवा ले रहे हैं।
हर क्यूआर कोड में व्यापारी का नाम, पिता का नाम, पूरा पता और फोन नंबर दर्ज होगा। इसके अलावा आधार नंबर, सरकारी पंजीकरण संख्या और यह जानकारी भी होगी कि संबंधित व्यक्ति की पहचान पुलिस द्वारा सत्यापित है या नहीं। इससे आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को पर्यटन क्षेत्र में काम करने से रोका जा सकेगा।
प्रशासन की इस पहल का स्थानीय पर्यटन कारोबारियों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह डिजिटल पहचान प्रणाली पहलगाम में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाएगी और पर्यटकों का विश्वास बढ़ाने में मदद करेगी।