पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (2026) के पहले चरण में महज 3 दिनों का समय रह गया है। गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को बंगाल विधानसभा का पहला चरण होने वाला है। इस बार चुनाव को लेकर आयोग ने बेहद सख्त रूख अपनाया है।
चुनाव के पहले चरण से 4 दिनों पहले यानी रविवार को राज्य के आबगारी विभाग ने एक विज्ञप्ति जारी की है। इस विज्ञप्ति के आधार पर रविवार से ही शराब की सभी दुकानों के शटर गिरा दिए गए हैं। जी हां, रविवार से खासतौर पर उन सभी जिलों में शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया है जहां 23 अप्रैल को पहले चरण का विधानसभा चुनाव होंगे।
वहीं दूसरी तरफ जिन विधानसभा केंद्रों में 29 अप्रैल 2026 (बुधवार) को चुनाव होगा, वहां 25 अप्रैल से ही शराब की दुकानों को बंद कर का फैसला लिया गया है। सोमवार से ही शराब की सरकारी डीपो को भी बंद करने का आदेश दिया गया है। इस वजह से दुकानों में अतिरिक्त शराब की आपूर्ति को भी नियंत्रित किया जा रहा है।
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हालांकि इस फैसले के आने के बाद से ही लोगों में थोड़ी हताशा जरूर देखी जा रही है क्योंकि आमतौर पर चुनाव से 48 घंटे पहले ही शराब की दुकानों को बंद किया जाता है। लेकिन इस बार के चुनाव में आयोग ने कुछ अधिक ही सख्ती अपनायी है।
इस बात को मद्देनजर रखते हुए पहले ही स्टॉक उठाने वाले लोगों की भीड़ शराब की दुकानों पर उमड़नी शुरू हो चुकी है। हालांकि यह भीड़ सिर्फ उन इलाकों में ही अभी उमड़ रही है जहां 29 अप्रैल को मतदान होने हैं। जिन इलाकों में 23 अप्रैल को मतदान होने हैं, वहां रविवार को विज्ञप्ति जारी होने के बाद उसी दिन से दुकानों को बंद करवा दिया गया है।
पहले चरण में कौन से जिलों में होगा मतदान?
दार्जिलिंग
कालिम्पोंग
कूचबिहार
अलीपुरदुआर
जलपाईगुड़ी
उत्तर दिनाजपुर
दक्षिण दिनाजपुर
मालदह
मुर्शिदाबाद
पूर्व मिदनापुर
पश्चिम मिदनापुर
झारग्राम
पुरुलिया
बांकुड़ा
पश्चिम बर्धमान
बीरभूम
इन सभी जिलों में रविवार से ही शराब की दुकानों को बंद करवा दिया गया है। न्यू टाउन में एक लिकर शॉप के मालिक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि रविवार को ही उनके पास निर्देशिका आयी है कि चुनाव से 4 दिन पहले से दुकान बंद रखने होंगे। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि जिस गोदाम से शराब का स्टॉक उठाते हैं उसे भी सोमवार से बंद कर दिया गया है।