भाजपा मौत पर राजनीति करती है। सोमवार को पुरुलिया के बलरामपुर की सभा से तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने उक्त आरोप लगाया। वर्ष 2018 के पंचायत चुनाव से पहले बलरामपुर में दो भाजपा कार्यकर्ताओं, त्रिलोचन महतो और दुलाल कुमार की अस्वाभाविक मौत हुई थी।
इसे लेकर राज्य का राजनीतिक पारा काफी चढ़ गया था। 8 सालों बाद चुनाव के समय एक बार फिर से वह मुद्दा चर्चाओं में छा गया है।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह थे। उन्होंने दोनों मृतकों के परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी देने का वादा किया था लेकिन वह वादा आज तक पूरा नहीं किया। बल्कि जब उक्त परिवार के सदस्य फोन करते हैं तो स्थानीय भाजपा सांसद उनका कॉल भी नहीं उठाते हैं।
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अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस अस्वाभाविक मौत को केंद्र बनाकर भाजपा बेशर्मों की तरह राजनीति कर बलरामपुर की भूमि को अशांत करना चाहती थी। 2019 में भाजपा जीती। साल 2021 में बलरामपुर में बहुत कम अंतर से भाजपा जीती।
बनर्जी ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि उनलोगों (भाजपा) ने मौत को लेकर राजनीति की है, शव को लेकर राजनीति किया। उन दोनों परिवारों को अमित शाह ने केंद्र सरकार की नौकरी देने का वादा किया था लेकिन 8 सालों बाद भी नौकरी नहीं मिली। अभिषेक बनर्जी ने दावा करते हुए कहा कि 8 सालों में अगर कोई पार्टी अपने सैनिकों को ही भूल जाती है तो आम जनता के लिए कोई भी काम नहीं करेगी।
इसके साथ उन्होंने भाजपा प्रत्याशी जलधर महतो की पहचान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि भाजपा प्रत्याशी सांसद ज्योतिर्मय महतो के सहायक हैं। मैंने सुना है कि ज्योतिर्मय महतो को नई गाड़ी घूस में देकर उन्होंने टिकट लिया है। सच या झूठ मुझे नहीं पता।