नयी दिल्लीः भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया है कि भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह अमेरिका पहुंचने वाला है। यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का वाशिंगटन पहुंचना इस समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगा।
20 से 22 अप्रैल तक चलेगा वार्ता का दौर
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इससे पहले जानकारी दी थी कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल 20 से 22 अप्रैल के बीच अमेरिका का दौरा करेगा। उन्होंने यह भी बताया था कि इसी महीने से बीटीए को लेकर औपचारिक वार्ताएं दोबारा शुरू होंगी, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम होगा।
भारत और अमेरिका के बीच यह बातचीत वाशिंगटन डीसी में होने जा रही है, जहां दोनों पक्ष विभिन्न व्यापारिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
फरवरी में बनी थी अंतरिम समझौते की रूपरेखा
इस साल 7 फरवरी को भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार ढांचे पर सहमति जताई थी, जिसमें पारस्परिक और संतुलित व्यापार को बढ़ावा देने की बात कही गई थी। इस ढांचे ने व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की दिशा में आधार तैयार किया। यह पहल डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच 13 फरवरी 2025 को शुरू हुई थी। इस प्रस्तावित समझौते में बाजार तक बेहतर पहुंच, व्यापार संतुलन और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला जैसे अहम पहलुओं को शामिल किया गया है।
इस अंतरिम समझौते को दोनों देशों के बीच साझेदारी में एक ऐतिहासिक पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है, जो साझा हितों और ठोस परिणामों पर आधारित व्यापार को आगे बढ़ाने का संकेत देता है।
टैरिफ में बदलाव और नीतिगत फैसले भी बने चर्चा का हिस्सा
वाणिज्य सचिव ने पिछले महीने यह भी बताया था कि 7 फरवरी 2026 को अमेरिका द्वारा कुछ भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क हटा दिए गए। ये शुल्क भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने के मुद्दे को लेकर लगाए गए थे। इसके अलावा, 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद पारस्परिक टैरिफ को अमान्य घोषित कर दिया गया, जिसके चलते वे अब प्रभाव में नहीं हैं।
हालांकि अमेरिकी सरकार ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने के आदेश जारी किए हैं, जो सभी देशों पर लागू होते हैं। इसके बावजूद भारत और अमेरिका के बीच एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है।
वैश्विक टैरिफ ढांचे के बाद ही अंतिम समझौते की संभावना
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका इस समय वैश्विक स्तर पर एक नया टैरिफ ढांचा तैयार करने की कोशिश कर रहा है। माना जा रहा है कि जब यह ढांचा पूरी तरह लागू हो जाएगा, उसके बाद ही व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने भी मार्च में कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच बातचीत लगातार जारी है और द्विपक्षीय स्तर पर किसी तरह की रुकावट नहीं है। दोनों देश पारस्परिक हितों को ध्यान में रखते हुए समझौते को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।