'भाजपा का पतन शुरू हो गया है।' महिला आरक्षण और सीटों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संविधान संशोधन बिल पास न होने का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने उक्त कटाक्ष किया। गौरतलब है कि शुक्रवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इस संशोधन बिल को पारित नहीं करा सकी।
पांचला में एक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि महिला बिल के नाम पर लोकसभा की 543 सीटों को बढ़ाकर लगभग 850 करने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि देश को बांटने की साजिश थी। बंगाल का विभाजन करना चाहते थे। मेरे राज्य में चुनाव हो रहा है, फिर भी मुझसे 20 सांसद भेजने को कहा गया।
मैंने 21 सांसद भेजे थे। हमने कल (शुक्रवार) भाजपा को हरा दिया। उनका पतन शुरू हो चुका है। यह महिला बिल नहीं है, उसके अंदर डिलिमिटेशन बिल छिपाकर रखा गया था। हम महिलाओं के पक्ष में हैं, देश के बंटवारे के नहीं। भाजपा का चेहरा मुरझा गया है।
Read Also | पहली बार CEO के लिए वायुसेना का हेलीकॉप्टर - चुनाव से पहले सख्ती का नया रिकॉर्ड!
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल पहले ही पारित हो चुका था। उस बिल के मुताबिक 2027 की जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों का पुनर्निर्धारण होना था और 2034 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू होने की बात तय थी। लेकिन केंद्र सरकार अचानक वर्ष 2029 में महिला आरक्षण बिल को लागू करने का प्रस्ताव लायी। इसके साथ ही 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्विन्यास का प्रावधान भी जोड़ दिया गया।
यही मुद्दा राजनीतिक विवाद का कारण बना। दावा किया गया था कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर पुनर्विन्यास होने पर उत्तर भारत के प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ेगी यानी भाजपा के गढ़ में प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ेगी। दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों के प्रतिनिधियों की संख्या घटेगी।
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया था कि ऐसा कुछ नहीं होगा। लेकिन शुक्रवार को इस बिल के पक्ष में दो-तिहाई मत नहीं मिल सका जिस वजह से मोदी सरकार यह बिल पास नहीं करवा पायी।
Read Also | तृणमूल प्रत्याशी के घर पर छापा डलवा रही है एक बेशर्म, डरपोक पार्टी : ममता बनर्जी का तीखा हमला
पांचला में शनिवार को सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि वोटकटवा डिलिमिटेशन और बंटवारा करना चाहते थे। मैंने कहा था उनका पतन होगा। कल (शुक्रवार) से उनका पतन शुरू हो गया है। मुंह पर करारा तमाचा जड़ दिया गया है।
बंगाल के लोगों ने एक बार फिर से करारा तमाचा जड़ा है। इसके बाद देखूंगी कि भाजपा की सरकार कैसे टिकती है। सिंगल बहुमत नहीं है। दूसरों के समर्थन से बैठे हुए हैं। सभी जाएंगे। जब पतन शुरू होगा तब एकबार में ही होगा।
ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल को महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए अलग से बिल लाने की जरूरत नहीं पड़ती। पंचायत और नगरपालिकाओं में पहले से ही 50% महिला आरक्षण लागू है। लोकसभा में तृणमूल के निर्वाचित सांसदों में 37% महिलाएं हैं, जबकि राज्यसभा में यह आंकड़ा 46% है।
उन्होंने आगे कहा कि कल (शुक्रवार) से 'खेला शुरू' हो गया है। लोकसभा में आप हार चुके हैं। अब जमीन पर भी हारेंगे। भाजपा को भारत से हटाने की लड़ाई बंगाल की धरती से शुरू हो। बंगाल जीतकर हम दिल्ली जीतेंगे। यहीं हमारा संकल्प है।
ममता बनर्जी ने एक बार फिर से आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा बंगाल पर कब्जा करने की हर तरह से कोशिश कर रही है। उनका दावा है कि भाजपा 'स्लो वोटिंग' और 'स्लो काउंटिंग' जैसी रणनीतियां अपनाने की योजना भी बना रही है।
हालांकि मतगणना को लेकर सावधान करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि पहले यह अफवाह फैलाई जाएगी कि तृणमूल हार रही है। डरिएगा मत। सूर्योदय भले भाजपा से शुरू हो लेकिन सूर्यास्त तृणमूल ही करेगी। आखिर में जीत तृणमूल की ही होगी।