मुंबई : मुंबई में मंगलवार की शाम एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी ट्रैफिक जाम ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं जिसके बाद एक स्थानीय महिला का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
शाम ढलने को थी। सैकड़ों महिलाएं हाथों में प्लेकार्ड लेकर विरोधियों के खिलाफ नारेबाजी कर रही थीं। इस प्रदर्शन में गिरीश महाजन जो महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री हैं और भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे। मंगलवार शाम वर्ली की व्यस्त सड़कों पर इस प्रदर्शन के कारण सैकड़ों लोग लंबे जाम में फंस गए।
करीब एक घंटे तक गाड़ियां बिल्कुल नहीं हिलीं। इसी दौरान एक स्थानीय महिला जो अपनी बेटी को स्कूल से लेने जा रही थीं जाम में फंस गईं। समय निकलता जा रहा था और स्कूल बंद होने का वक्त करीब था। इस स्थिति ने उन्हें बेचैन कर दिया। आखिरकार वह अपनी गाड़ी से उतरकर पैदल ही प्रदर्शन स्थल तक पहुंच गईं।
वहां उन्होंने सीधे मंत्री गिरीश महाजन के सामने अपना गुस्सा जाहिर किया। वह जोर-जोर से कहने लगीं की क्या यह सड़क आपकी निजी संपत्ति है? लोगों को परेशान करके प्रदर्शन करने का अधिकार आपको किसने दिया? यहां सैकड़ों लोग लाचार होकर फंसे हुए हैं। यहां से हटिए। पास में खाली मैदान है वहां जाकर प्रदर्शन कीजिए।
महिला के इस आक्रोश को देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए चौंक गए। पुलिस ने उन्हें सड़क किनारे ले जाकर शांत कराने की कोशिश की लेकिन उनका गुस्सा कम नहीं हुआ। हालांकि महिला के विरोध के कुछ ही समय बाद प्रदर्शन को हटा लिया गया। इस पूरी घटना के दौरान महिला का आक्रामक रूप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
इस वीडियो को साझा करते हुए रोहित पवार जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक हैं ने कहा कि अगर इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो राज्य की अन्य साहसी महिलाएं भी सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में होने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी कुछ भी कर सकता है।
वहीं वर्षा गायकवाड़ जो मुंबई प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष हैं वो भी उस महिला के समर्थन में आवाज उठाई और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कारवाई की मांग की।
अंततः बुधवार को वर्ली पुलिस थाना ने इस विरोध प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
यह विरोध प्रदर्शन भारतीय जनता पार्टी द्वारा लोकसभा में महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक को लेकर विपक्ष के विरोध के बाद विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा था। पुलिस के अनुसार वर्ली के जांभोरी मैदान से डोम तक पदयात्रा की अनुमति दी गई थी लेकिन इस तरह की सड़क पर सभा की इजाजत नहीं थी। इसी नियम उल्लंघन के चलते प्राथमिकी दर्ज की गई।