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मुर्शिदाबाद में तनाव-हुमायूं कबीर के काफिले पर हमला, EC ने मांगी रिपोर्ट

मुर्शिदाबाद के नवदा में TMC और अमजनता उन्नयन पार्टी के बीच झड़प, हुमायूं कबीर के काफिले पर हमले का आरोप; चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट।

By श्वेता सिंह

Apr 23, 2026 13:22 IST

नवदाः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान मुर्शिदाबाद जिले के नवदा में गुरुवार को चुनावी माहौल हिंसक तनाव में बदल गया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम जनता उन्नयन पार्टी के समर्थकों के बीच टकराव के बीच पार्टी नेता हुमायूं कबीर पर हमले का गंभीर आरोप लगा है।

जानकारी के अनुसार, नवदा् के शिबनगर इलाके में जब हुमायूं कबीर अपने काफिले के साथ वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान कुछ लोगों ने उनके वाहन को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि उनकी गाड़ी के सामने बांस डालकर रास्ता जाम किया गया। इतना ही नहीं, उनके काफिले की एक गाड़ी में तोड़फोड़ की गई और उनके पोलिंग एजेंट की गाड़ी पर पथराव भी हुआ। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर मौजूद पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को स्थिति संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। काफी देर तक चले तनाव के बाद सुरक्षा बलों ने हुमायूं कबीर को सुरक्षित वहां से बाहर निकाला।

इस घटना की शिकायत चुनाव आयोग से की गई है। सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत 173 नंबर बूथ से हुई, जहां हुमायूं कबीर के एजेंट को बैठने से रोके जाने का आरोप लगाया गया। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और स्थिति झड़प में बदल गई।

हुमायूं कबीर के समर्थकों ने TMC पर आरोप लगाया कि उनके एजेंट को मतदान केंद्र पर काम करने नहीं दिया गया, जबकि TMC ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। नवदा ब्लॉक के TMC अध्यक्ष शफिउज्जमान शेख ने पलटवार करते हुए कहा कि एक दिन पहले इलाके में बमबाजी करने वाले लोगों के साथ हुमायूं कबीर घूम रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ की गई और कई लोगों के साथ मारपीट भी हुई।

स्थिति उस समय और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब हुमायूं कबीर खुद मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए सड़क पर बैठ गए। उन्होंने ऐलान किया कि वे नवदा नहीं छोड़ेंगे। हालांकि बाद में जब वे वहां से निकलने लगे, उसी दौरान उनके ऊपर हमले का आरोप सामने आया। घटना के दौरान पुलिस और केंद्रीय बलों को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, इसके बावजूद नवदा जैसी घटनाएं चुनावी माहौल पर सवाल खड़े कर रही हैं।

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