पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो रहा है। करीब 3.60 करोड़ मतदाता आज (23 अप्रैल 2026) 1478 उम्मीदवारों का फैसला EVM में कैद करेंगे। बात अगर बंगाल की राजनीति की करें तो तृणमूल और भाजपा दो प्रमुख पार्टियां हैं जिनके बीच कांटे की टक्कर होती दिखाई दे रही है।
लेकिन पहले चरण का चुनाव तृणमूल या फिर भाजपा किसके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है? पहले चरण के चुनाव में सभी पार्टियों के कौन से दिग्गजों की साख दांव पर लगी हुई है?
आइए आपको यह पूरा गणित समझाने की कोशिश करते हैं -
सत्ता का दारोमदार टिक है पहले चरण पर
पश्चिम बंगाल चुनाव का पहला चरण बेहद अहम माना जा रहा है। या यूं कहें कि बंगाल में सत्ता किसके हाथ जाएगी इसका फैसला काफी हद तक पहले चरण के चुनाव पर ही टिकी हुई है। उत्तर बंगाल के जंगल महल से लेकर मतुआ गढ़ तक में आज ही चुनाव हो रहे हैं।
आज बंगाल की 152 विधानसभा केंद्रों पर चुनाव हो रहे हैं जिसमें भाजपा ने सभी 152 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं जबकि तृणमूल 148 सीटों पर प्रतिद्वंद्विता कर रही है। कांग्रेस ने 151 और सीपीएम ने 98 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हुए हैं। पहले चरण में 929 निर्दलीय और छोटी पार्टियों के प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है पहले चरण का चुनाव?
विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में जिन इलाकों में मतदान हो रहे हैं, उनमें से कई क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है तो कुछ इलाके ऐसे हैं जहां तृणमूल की तूती बोलती है। साल 2011 में तृणमूल ने इन इलाकों के 68 सीटों पर अपना कब्जा किया था।
वहीं 2021 के चुनाव में 92 सीटें जीतकर तृणमूल ने बड़ा संदेश दिया था। पहले चरण की मुर्शिदाबाद, मालदह और उत्तर दिनाजपुर जिले की करीब 43 सीटों में से पिछली बार तृणमूल ने 35 सीटें जीतकर बड़ी बढ़त बना ली थी। वहीं भाजपा को 8 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था।
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कौन से दिग्गजों की साख लगी दांव पर?
शुभेंदु अधिकारी - भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम की सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पहले चरण के चुनाव में वह बड़ा चेहरा हैं। इस सीट पर शुभेंदु अधिकारी मुकाबला किसी जमाने में उनके करीबी रहे तृणमूल प्रत्याशी पवित्र कर से है।
अधीर रंजन चौधरी - कांग्रेस के दिग्गज नेता और 5 बार के सांसद रह चुके अधीर रंजन चौधरी साल 2021 के लोकसभा चुनाव में हारने के बाद अब विधानसभा चुनाव में लड़ रहे हैं। बहरमपुर सीट से वह चुनावी मैदान में उतरे हैं।
दिलीप घोष - भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष एक हेवीवेट नेता है। वह खड़गपुर सदर विधानसभा केंद्र से चुनाव लड़ रहे हैं।
निशीथ प्रमाणिक - पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने अपनी पुरानी दिनहाटा की सीट छोड़कर इस बार माथाभांगा से चुनाव लड़ रहे हैं। वह उत्तर बंगाल में भाजपा के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।
हुमायूं कबीर - तृणमूल के पूर्व मंत्री जिन्हें पार्टी से बहिष्कृत कर दिया गया है। अपनी अलग आम जनता उन्नयन पार्टी बनाकर डोमकल सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
जाकिर हुसैन - 'बीड़ी किंग' के नाम से मशहूर जाकिर हुसैन जंगीपुर से चुनावी मैदान में हैं। वह 133 करोड़ रुपए की घोषित संपत्ति के साथ विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे अमीर प्रत्याशी हैं।