कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के पहले चरण से पहले ही चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश लागू किए हैं।
चुनाव आयोग (EC) के नए निर्देशों के मुताबिक, मतदान के दिन सुबह 6 बजे से लेकर वोटिंग समाप्त होने तक कोई भी उम्मीदवार अपने विधानसभा क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेगा। सभी प्रत्याशियों को पूरे समय अपने-अपने क्षेत्र में मौजूद रहना अनिवार्य किया गया है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों की जिम्मेदारी केवल प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदान के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखना भी उनकी जवाबदेही है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, तनाव या हिंसा में शामिल होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
गौरतलब है कि पहले चरण में गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। इसी के साथ चुनाव आयोग ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी है। आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर दागी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, अब तक गैर-जमानती धाराओं में 506 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आम तौर पर चुनाव से पहले ‘प्रिवेंटिव अरेस्ट’ की प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन इस बार आयोग ने इसे और अधिक सख्त बना दिया है।
निर्देश के तहत, मतदान से 72 घंटे पहले ही चिन्हित अपराधियों को हिरासत में लेना अनिवार्य किया गया है। जिन क्षेत्रों में 23 अप्रैल को मतदान है, वहां 19 अप्रैल की रात तक और जहां 29 अप्रैल को मतदान होना है, वहां 25 अप्रैल तक यह कार्रवाई पूरी करने को कहा गया था। इन कदमों के जरिए आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो।