चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने मंगलवार को चेन्नई के विल्लीवक्कम क्षेत्र में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन रोड शो किया। राज्य में 23 अप्रैल को मतदान होना है।इस रोड शो में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए, जो रास्ते भर मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए एकत्रित हुए थे। एम. के. स्टालिन ने अभियान के दौरान लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और राजधानी के प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में अपना जनसंपर्क अभियान जारी रखा।
इससे पहले दिन में उन्होंने सैदापेट विधानसभा क्षेत्र में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और पार्टी प्रत्याशी मा. सुब्रमणियन के समर्थन में प्रचार किया। प्रचार के दौरान उन्होंने मतदाताओं से बातचीत की और डीएमके उम्मीदवार के लिए समर्थन मांगा। साथ ही उन्होंने चेन्नई में पार्टी को मिल रहे जनसमर्थन का भी उल्लेख किया। एम. के. स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “चेन्नई हमेशा से डीएमके का गढ़ रहा है।” उन्होंने यह टिप्पणी शोलिंगनल्लूर, वेलाचेरी और सैदापेट क्षेत्रों में मिले समर्थन के संदर्भ में की। मुख्यमंत्री ने कन्नगी नगर में सुबह पैदल जनसंपर्क अभियान भी चलाया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और समर्थक उनका स्वागत करने पहुंचे।
एक अलग बयान में डीएमके प्रमुख ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया किइससे तमिलनाडु जैसे प्रगतिशील राज्यों को नुकसान होगा। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “पिछले सप्ताह भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा लाया गया परिसीमन विधेयक ऐसा प्रतीत होता है कि यह हमें दंडित करने का प्रयास है—एक ऐसा राज्य जिसने जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित किया है और औद्योगिक विकास में अग्रणी रहा है।”
एम. के. स्टालिन ने 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान उठाए गए अपने पुराने रुख का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वह तमिलनाडु के हितों के खिलाफ जाने वाले किसी भी कदम का मजबूती से विरोध करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह लगातार राज्य के विकास और अधिकारों के लिए संघर्ष करते आए हैं। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। सत्तारूढ़ डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन, एआईएडीएमके के एडप्पडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के खिलाफ चुनाव मैदान में है।