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लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के स्कूलों का बदला गया समय

पिछले कुछ समय से राज्य में तेजी से बढ़ रही गर्मी को देखते हुए लगातार स्कूलों का समय बदलने की मांग की जा रही थी।

By Moumita Bhattacharya

Apr 21, 2026 21:56 IST

राज्य में लगातार बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए लखनऊ समेत राज्य भर के सभी शहरों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। भीषण गर्मी से बच्चों को राहत दिलाने के लिए ही स्कूल के समय में बदलाव करने का फैसला लिया गया है। अभी तक जहां सभी स्कूल का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक होता था वहीं अब स्कूल के समय में परिवर्तन करने का फैसला लिया गया है।

अब बेसिक शिक्षा परिषद की स्कूलों में कक्षाएं सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होगी। हालांकि यह राहत सिर्फ छात्रों को ही मिलने वाली है क्योंकि शिक्षकों को दोपहर 1.30 बजे तक स्कूल में रहना अनिवार्य है। बताया जाता है कि यह फैसला बच्चों को लू के थपेड़ों और तेज धूप से बचाने के लिए लिया गया है।

मीडिया से बात करते हुए बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कहा कि राज्य में गर्मी और हीटवेव को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित स्कूलों को सुबह 7.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक चलाने का फैसला लिया गया है।

हालांकि स्कूलों में पढ़ाई सुबह 7.30 से दोपहर 12.30 बजे तक ही होगी। स्कूलों में प्रार्थना सभा, योगाभ्यास आदि सुबह 7.30 से 7.40 बजे के बीच होगा। उन्होंने बताया कि मध्यावकाश यानी टिफिन सुबह 10 से 10.15 बजे तक होगी। बता दें, राजधानी लखनऊ का पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, गैर-शिक्षा कर्मचारी स्कूल में सुबह 7.30 से दोपहर 1.30 बजे तक रहेंगे। इस दौरान वे शैक्षणिक, प्रशासकीय व अन्य कार्यों को निपटाएंगे। बता दें, पिछले कुछ समय से राज्य में तेजी से बढ़ रही गर्मी को देखते हुए शिक्षक संगठन लगातार स्कूलों का समय बदलने की मांग कर रहे थे।

नई टाइमिंग के अनुसार अब स्कूलों में सिर्फ 5 घंटे ही पढ़ाई होगी। गौरतलब है कि शिक्षक संगठनों ने गर्मी के मौसम में 4 घंटे और सर्दी के मौसम में 5 घंटे से अधिक की स्कूल की टाइमिंग को बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए प्रतिकूल बताया है।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि गर्मी के कारण बच्चे जल्दी थक जाते हैं और बीमार पड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले बच्चों को छुट्टी के समय तेज धूप में घर लौटना पड़ता है, जिससे उनकी तबीयत खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति घटने की एक प्रमुख वजह भी इसे मानी जा रही है।

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