बिहार राज्य महिला आयोग ने मंगलवार को पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा राजनीति में महिलाओं को लेकर दिए गए एक विवादित बयान पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उन्हें कड़ा नोटिस थमाया। इस नोटिस में आयोग ने सांसद की टिप्पणी को 'घृणित' करार देते हुए इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ करार दिया।
महिला आयोग ने उन्हें 3 दिनों का समय देकर स्पष्टीकरण मांगा है कि उनके इस बयान के आधार पर उनकी लोकसभा की सदस्या को क्यों न रद्द कर दी जाए।
#WATCH | Purnea, Bihar: Independent MP Pappu Yadav says, "...In India, women are called goddesses, but they will never be respected here. System and society are responsible for this...90% of women cannot do politics without entering the room of politicians..."
— ANI (@ANI) April 21, 2026
(20.04.2026) pic.twitter.com/WyHY4ZitUJ
गौरतलब है कि महिला आयोग ने यह कदम निर्दलीय सांसद पप्पु यादव के कथित तौर पर उस बयान के बाद उठाया है जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका से लेकर भारत तक, 90% महिलाएं बिना नेताओं का कमरा साझा किए राजनीति कर ही नहीं सकती।
महिला आयोग ने अपने नोटिस में कहा कि पप्पु यादव का यह बयान महिलाओं के आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है। यह दर्शाता है कि महिलाएं राजनीति के क्षेत्र में अपनी योग्यता के अधार पर आगे नहीं बढ़ती हैं।
गत सोमवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण संशोधन बिल पर अपनी राय रखते हुए पप्पु यादव ने कहा था कि महिलाओं को देवी का दर्जा तो दिया जाता है, लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिलता है। इसके लिए व्यवस्था तथा समाज जिम्मेदार हैं। इसी दौरान उन्होंने महिलाओं पर विवादित टिप्पणी भी कर डाली जिसने उन्हें मुश्किलों में डाल दिया है।