नई दिल्ली : कैपिटल्स की शर्मनाक हार ने गेंदबाज़ों की कमजोरियों को कुछ हद तक ढक दिया लेकिन टीम के बल्लेबाज़—खासकर केएल राहुल—सीधे सवालों के घेरे में आ गए। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ इस मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स तीनों विभागों में पूरी तरह पिछड़ गई।
243 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत से ही लड़खड़ाहट साफ दिखी। जहां सनराइजर्स हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा ने आक्रामक शुरुआत दी थी, वहीं दिल्ली के ओपनर ऐसा करने में नाकाम रहे। नतीजतन टीम लक्ष्य से 47 रन दूर ही रुक गई। टीम में कई बड़े नाम होने के बावजूद कोई भी बल्लेबाज़ निर्णायक प्रदर्शन नहीं कर पाया। इस हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट वेणुगोपाल राव ने सीधे बल्लेबाज़ों को जिम्मेदार ठहराया।
दिल्ली की ओपनिंग जोड़ी ने शुरुआत तो ठीक की लेकिन उसे लंबा नहीं खींच पाई। पथुम निशांका ने 6 गेंदों में सिर्फ 8 रन बनाए। केएल राहुल जो इस सीजन में अच्छी लय में दिख रहे थे 23 गेंदों पर 37 रन बनाकर आउट हो गए। तीसरे नंबर पर उतरे नीतीश राणा ने अच्छी शुरुआत करने की कोशिश की लेकिन निरंतरता नहीं रख पाए। शुरुआती समय में टाइमिंग से जूझने के बावजूद उन्होंने 30 गेंदों पर 57 रन बनाए। पावरप्ले में दिल्ली कैपिटल्स ने 59 रन बनाए और यही वह चरण था जहां मैच उनकी पकड़ से फिसल गया।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेणुगोपाल राव ने कहा की जब आप 240 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल करने उतरते हैं तो पहले छह ओवर में दमदार शुरुआत बेहद जरूरी होती है। मुझे लगता है कि हम पावरप्ले में 15-20 रन कम बना पाए। इतने बड़े लक्ष्य के लिए पावरप्ले में कम से कम 80-90 रन जरूरी थे। पथुम निशांका के आउट होने के बाद केएल राहुल अपनी लय खो बैठे। शुरुआती ओवरों में वह ज्यादा गेंदें खेल ही नहीं पाए। एक ओपनर के तौर पर पावरप्ले में प्रभाव डालना जरूरी होता है। नीतीश राणा के ज्यादा गेंद खेलने के कारण राहुल अपनी लय नहीं बना सके।
हालांकि वेणुगोपाल राव ने बल्लेबाज़ों की आलोचना की लेकिन गेंदबाज़ों का प्रदर्शन भी बेहद साधारण रहा। वे अभिषेक शर्मा को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे। अक्षर पटेल ने एक विकेट जरूर लिया लेकिन कुल मिलाकर सनराइजर्स हैदराबाद ने सिर्फ दो विकेट गंवाए जो दिल्ली के लिए बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं था। इसके अलावा कुलदीप यादव जैसे प्रमुख गेंदबाज़ को सिर्फ दो ओवर ही गेंदबाज़ी के लिए इस्तेमाल किया गया जो टीम की रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है।