पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार (23 अप्रैल) को मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दक्षिण बंगाल के कई जिलों में पहले चरण में ही चुनाव हो रहा है। राज्य के जंगली इलाकों में निर्विघ्न चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर चुनाव आयोग ने कई व्यवस्थाएं की हैं।
झारग्राम में भी आज ही चुनाव हो रहा है। झारग्राम के स्थानीय इलाकों में परिचित जंगली हाथी रामलाल को वन विभाग ने एक प्रकार से नजरबंद किया हुआ था ताकि वह मतदान प्रक्रिया में बाधा न बनें। लेकिन...
विभिन्न प्रकार की सावधानियां बरतने के बावजूद कोई फायदा नहीं हुआ। गुरुवार की सुबह जीतूशोल आंशिक बुनियादी विद्यालय मतदान केंद्र के सामने रामलाल को चहलकदमी करते हुए देखा गया। रामलाल को देखते ही इलाके के लोगों की भीड़ जमा हो गयी। मोबाइल पर फोटो-वीडियो बनाने का दौर भी जारी रहा। लेकिन इन बातों से रामलाल को कोई फर्क नहीं पड़ा। वह अपने अंदाज में ही झारग्राम में कभी इस रास्ते से तो कभी उधर घूमता फिर रहा है।
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होज पाइप से पानी का फव्वारा डालकर रामलाल को भगाने की कोशिश भी की गयी लेकिन इसका कोई ज्यादा फायदा नहीं मिला। वह अपने धुन में ही मदमस्त चाल में घूमता दिखाई दे रहा है। रामलाल को झारग्राम की सड़कों पर घूमता देख वन विभाग को जानकारी दी गयी। वन विभाग के अधिकारियों ने उसे वापस जंगल की तरफ मोड़ दिया है।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही इलाका दखल को लेकर रामलाल और श्यामलाल दो जंगली हाथियों के बीच संघर्ष हुआ था। इस संघर्ष में रामलाल के दाएं पैर में चोट आयी थी। दर्द की वजह से गोविंदपुर इलाके में कैनल में पानी में बैठकर ही उसने अपना पूरा दिन बिताया था। ग्रामीणों ने चंदा जमा कर आलू और अनाज खरीदकर रामलाल को खाने को दिया था। वन विभाग ने भोजन में दवाई मिलाकर रामलाल को ठीक किया था।
बता दें, मतदान के दिन किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोकने के लिए वन विभाग के 300 से अधिकारी व वन्य कर्मियों ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली है। इसके साथ ही 25 गाड़ियों को भी तैनात किया गया है। एलिफैंट टस्कर्स टीम और क्विक रेस्पॉन्स टीम को भी तैयार रखा गया है। ऐसे में इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद रामलाल कैसे मतदान केंद्र के पास पहुंच गया, इसे लेकर सवाल उठाया जा रहा है।