ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के दावे के बीच एक बार फिर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में कम से कम दो जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है। IRGC ने अपने बयान में कहा कि MSC Francesca और Epaminondas नाम के जहाजों को रोका गया, क्योंकि ये “समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा” बन रहे थे और बिना सही अनुमति के इस रास्ते से गुजर रहे थे। ईरान का आरोप है कि इन जहाजों ने अपने नेविगेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ भी की थी, जिसके बाद इन्हें ईरान के जल क्षेत्र की तरफ ले जाया गया।
ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह की सुरक्षा से खिलवाड़ उसकी “रेड लाइन” है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिपिंग ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, Epaminondas दुबई के जबेल अली पोर्ट से भारत के गुजरात की ओर जा रहा था।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक तीसरा जहाज Euphoria भी निशाने पर आया और अब ईरान के तट के पास फंसा हुआ है। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है। ऐसे में इन घटनाओं ने एक बार फिर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि सीजफायर के बावजूद इलाके में तनाव कम होता नहीं दिख रहा।
होर्मुज में दो जहाजों पर हुई फायरिंग
इससे पहले दिन में दो अलग-अलग घटनाओं में जहाजों पर फायरिंग की खबर सामने आई। ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी UKMTO के मुताबिक, सुबह करीब 7:55 बजे ईरानी गनबोट ने एक कंटेनर शिप पर हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार, जहाज पर बिना किसी चेतावनी के फायरिंग की गई, जिससे उसे नुकसान पहुंचा।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और न ही किसी तरह का पर्यावरणीय नुकसान हुआ।
दूसरी घटना में एक कार्गो शिप ने बताया कि उस पर भी फायरिंग की गई और उसे बीच समुद्र में रोक दिया गया। इस जहाज को हालांकि कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा।
इन घटनाओं के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का ट्रांसपोर्ट होता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा रही हैं।