दुबई : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। पाकिस्तान मूल के वरिष्ठ अधिकारी वासिम खान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब जय शाह ने अध्यक्ष के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूरा किया है।
ताजा जानकारी के अनुसार वासिम खान पिछले चार वर्षों से आईसीसी में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने वर्ष 2022 में इस जिम्मेदारी को संभाला था। अब उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है और वह जून 2026 के अंत तक औपचारिक रूप से अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे। इसके बाद जुलाई 2026 से वे एक नई भूमिका में शामिल हो सकते हैं।
उनकी जिम्मेदारियों में अंतरराष्ट्रीय मैचों का कार्यक्रम तैयार करना विभिन्न फ्रेंचाइज़ी लीगों के बीच समन्वय स्थापित करना और फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) का संचालन शामिल था। उनके कार्यकाल के दौरान आईसीसी में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव भी देखने को मिले। उनके साथ-साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी जियोफ अलार्डिस, इवेंट्स प्रमुख क्रिस टेटली और एंटी करप्शन यूनिट प्रमुख एलेक्स मार्शल ने भी अपने-अपने पदों से विदाई ली है।
वासिम खान का जन्म पाकिस्तान में हुआ था लेकिन बाद में उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त कर ली। वह काउंटी क्रिकेट में वारविकशायर, ससेक्स और डर्बीशायर जैसी टीमों के लिए खेल चुके हैं और वर्ष 1995 में वारविकशायर की खिताबी टीम का हिस्सा भी रहे थे। वर्ष 2002 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने प्रशासनिक क्षेत्र में कदम रखा।
उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और लीसेस्टरशायर काउंटी क्लब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भी कार्य किया है। इसके अलावा वह ‘चांस टू शाइन’ नामक क्रिकेट चैरिटी से भी जुड़े रहे हैं। खेल में उनके योगदान के लिए उन्हें एमबीई सम्मान से भी नवाजा गया है।
वर्तमान आईसीसी अध्यक्ष जय शाह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट के विस्तार पर जोर दे रहे हैं। उनका लक्ष्य गैर-क्रिकेट देशों में भी खेल को लोकप्रिय बनाना और अधिक वैश्विक टूर्नामेंट आयोजित करना है।
जय शाह को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ‘यंग ग्लोबल लीडर्स’ सूची में भी शामिल किया गया है। आईपीएल मीडिया राइट्स डील को सफलतापूर्वक पूरा करने में उनकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जाता है जिससे क्रिकेट के वैश्विक विस्तार को नई दिशा मिली है।
कुल मिलाकर वासिम खान के इस्तीफे के बाद आईसीसी में एक नए प्रशासनिक युग की शुरुआत मानी जा रही है जिस पर क्रिकेट जगत की नजरें टिकी हुई हैं।