कोलकाताः राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान कल गुरुवार को होगा। मतदान कर्मी पहले ही जिलों में DC RC (Dispersion Center and Receipt Center) पहुँच चुके हैं। हालांकि, कहीं-कहीं मतदान कर्मियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, कहीं-कहीं मतदान कर्मियों के लिए आवंटित धन नहीं दिया गया है—ऐसी कई शिकायतों से विभिन्न केंद्रों में तनाव फैल गया।
डोमकल डीसीआरसी में मतदान ड्यूटी का हक़ का पैसा सही तरीके से न मिलने के कारण बुधवार दोपहर मतदान कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में फूट पड़े। आरोप है कि निर्दिष्ट भत्ता कई मामलों में कम दिया गया। कुछ मामलों में 170 से 230 रुपये तक काटे जाने की घटना भी हुई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए डोमकल के एसडीओ शुभंकर बाला और एसडीपीओ शुभम बाजाज पुलिस की बड़ी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मतदान कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिनका हक 2630 रुपये था, उन्हें केवल 2100 रुपये दिए गए। जिनका हक की राशि 2250 रुपये थी, उन्हें 1170 या 1370 रुपये मिले। इस वित्तीय असंगति के कारण क्रोधित कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और बकाया राशि तुरंत भुगतान करने की मांग की।
दूसरी ओर, प्रचंड गर्मी के बीच पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण तमलुक में मतदानकर्मी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। गर्मी के कारण तमलुक में DCRC में कई महिला कर्मचारी बीमार पड़ गईं हैं। वोटिंग कर्मचारियों ने यह भी शिकायत की कि एम्बुलेंस तक नहीं मिली। हालांकि, जिलाधिकारी निरंजन कुमार ने बताया, 'स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करने के साथ-साथ घायल लोगों की सेवा की व्यवस्था की गई है और DCRC में पंडाल लगाकर गर्मी से राहत पाने का इंतजाम किया गया है।'
बीरभूम के सिउड़ी DCRC में जमा होने के बाद अन्य बूथों पर जाने के लिए बस न होने के कारण मतदान कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। मतदान कर्मचारियों ने सिउड़ी DCRC के सामने राष्ट्रीय मार्ग संख्या 14 को कुछ समय के लिए अवरुद्ध कर दिया। जानकारी मिली है कि सिउड़ी DCRC में जमा होने के बाद रामपुरहाट, नलहाटी, कोटासुर में मतदान ड्यूटी पर जाने के लिए बस न होने के कारण समस्या शुरू हो गई।
दुर्गापुर में डिक्रस में भी बीएलओ कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि किसी भी कारण के बिना उन्हें इस दिन बुलाया गया। सेंटर में आने के बाद बताया गया कि गलती से उन्हें बुलाया गया था। इस घोषणा के बाद बीएलओ गुस्से में आ गए। उनका कहना है कि मतदान के दिन उनका काम क्या होगा ? उन्हें कहाँ बैठने की अनुमति दी जाएगी, ये सब कुछ भी नहीं बताया गया। कार्य के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई, ऐसा बीएलओ कर्मचारियों ने आरोप लगाया।