नई दिल्ली : आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में जीत का उत्साह अभी थमा भी नहीं है कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के राष्ट्रीय चयनकर्ता और टीम प्रबंधन नई रणनीतियों में जुट गए हैं। अब टीम की नजर दो बड़े लक्ष्यों पर है- विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और आईसीसी वनडे विश्व कप 2027। इसी बीच सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरा है कि स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के कार्यभार को कैसे संतुलित किया जाएगा। बोर्ड की इच्छा है कि अगर वह फिट रहें तो आगामी WTC चक्र के बाकी 9 टेस्ट मैचों में वह खेलें।
बुमराह के वर्कलोड को लेकर मुख्य चिंता
बोर्ड सूत्रों के अनुसार बुमराह की गेंदबाजी एक्शन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती है इसलिए उनके वर्कलोड पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस साल भारत को श्रीलंका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और न्यूजीलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ 2-2 टेस्ट खेलने हैं इसके बाद ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के विरुद्ध 5 मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेली जाएगी। बोर्ड का लक्ष्य है कि इस पूरे कार्यक्रम के दौरान बुमराह फिट रहें और खेल सकें। साथ ही कुछ वनडे सीरीज में उन्हें आराम देने की योजना भी बनाई जा रही है।
बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा की हम चाहते हैं कि बुमराह पूरी तरह फिट रहकर सभी टेस्ट मैच खेलें। श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट में उनके खेलने की संभावना है। सबसे बड़ी चुनौती ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट के लिए उन्हें तरोताजा बनाए रखना होगा। इस स्थिति में वनडे सीरीज के दौरान उन्हें आराम दिया जा सकता है। पिछले वर्ष इंग्लैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के दौरे पर पांच टेस्ट में से तीन में बुमराह खेले थे इसके बाद घरेलू मैदान पर चारों टेस्ट में उन्होंने भाग लिया।
अफगानिस्तान टेस्ट और टेस्ट क्रिकेट पर फोकस
आगामी 6 जून को चंडीगढ़ में अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ भारत एक टेस्ट मैच खेलेगा जो WTC चक्र का हिस्सा नहीं है। फिर भी बोर्ड इसे मैच अभ्यास के रूप में महत्वपूर्ण मान रहा है। इसलिए इसमें कौन खेलेगा इसका फैसला आईपीएल के बाद खिलाड़ियों के वर्कलोड को देखकर किया जाएगा।
बोर्ड सूत्रों ने कहा की हमारा लक्ष्य टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देना है। अफगानिस्तान के खिलाफ यह टेस्ट WTC का हिस्सा नहीं है लेकिन मैच अभ्यास बेहद जरूरी है। अंतिम निर्णय फिट खिलाड़ियों के आधार पर लिया जाएगा।
भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल पहले ही बड़े टेस्ट सीरीज से पहले अन्य प्रारूपों से अधिक समय देने के पक्ष में अपनी राय रख चुके हैं। पिछली बार भारत ने 2018 में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट खेला था जिसमें विराट कोहली को छोड़कर लगभग सभी वरिष्ठ खिलाड़ी शामिल थे।
मिडिल ऑर्डर के लिए नई रणनीति
टीम प्रबंधन मिडिल ऑर्डर को मजबूत करने के लिए नए खिलाड़ियों पर विचार कर रहा है। देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल और ऋतुराज गायकवाड़ को भविष्य के अहम विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार जुरेल को पूरी तरह बल्लेबाज़ के रूप में उपयोग करने की योजना है। पडिक्कल को तीसरे नंबर की पोजीशन के लिए साई सुदर्शन के साथ प्रतिस्पर्धा में रखा गया है। वहीं गायकवाड़ को भारतीय परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाज़ी खेलने की क्षमता के कारण एक महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है।