मौसम की गर्मी के साथ-साथ राज्य में चुनावी पारा भी बढ़ता जा रहा है। माथे पर पसीने की बूंदों को पोंछते हुए गुरुवार को हुगली के बलागढ़ की चुनावी सभा से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तृणमूल पर तीखा हमला किया। चेतावनी के लहजे में उन्होंने कहा कि अगर मतदाताओं को किसी ने छुआ तो खाड़ी में फेंक दिए जाओगे। एक बार फिर से उन्होंने उल्टा करके सीधा करने की चेतावनी भी दी।
बंगाल चुनाव से लेकर अयोध्या, धारा 370, माओवादी, आतंकवाद आदि समस्याओं के बारे में उन्होंने बात की। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही अमित शाह ने भी स्वीकार कर लिया कि छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान मुख्य तौर पर शांत ही हो रहा है।
इसका श्रेय उन्होंने चुनाव आयोग को ही दिया है। इसके साथ ही आत्मविश्वास के साथ उन्होंने कहा कि 4 मई को बहुमत के साथ भाजपा सत्ता में आ रही है। तृणमूल को राज्य से मिटा दिया जाएगा। इसके बाद ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि तृणमूल के गुंडे कान खोलकर सुनकर ले। चुनाव के दिन अगर किसी भी मतदाता को छुआ तो बंगाल की खाड़ी में मिलोगे।
बलागढ़ दो वस्तुओं के लिए बेहद प्रसिद्ध है - नाव और आलू। एक समय इस इलाके में बड़ी संख्या में नाव बनाने के कारखाने हुआ थे, लेकिन अब अधिकांश बंद होने की कगार पर हैं। अमित शाह ने कहा कि तृणमूल सरकार के दौरान 41 कारखाने बंद हो गए हैं। अगर भाजपा सत्ता में आती है तो हम सभी कारखानों को फिर से चालू करेंगे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आलू किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। बंगाल के आलू किसान वंचित हैं और उन्हें कभी सही कीमत नहीं मिलती।
भाजपा की सरकार बनने पर बलागढ़ के आलू को बिहार, झारखंड और ओडिशा में भेजा जाएगा, जिससे प्रति बोरी कम से कम 25 रुपये अधिक मिलेंगे। अगर भाजपा जीतती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने अपनी पुरानी बात ही दोहराई। उन्होंने कहा कि बंगाली माध्यम में पढ़ा, बंगाली बोलने वाला और बंगाल की मिट्टी से जुड़ा व्यक्ति ही मुख्यमंत्री बनेगा, कोई बाहरी नहीं
उन्होंने उरी सर्जिकल स्ट्राइक का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कमल के निशान पर वोट दें। हम बंगाल को भी घुसपैठ से मुक्त करेंगे और इसे ‘सोनार बांग्ला’ बनाएंगे।