नई दिल्ली : दक्षिण-पूर्व दिल्ली के अमर कॉलोनी में आईआरएस अधिकारी की बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी राहुल मीना से पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी पर आरोप है कि उसने न केवल दुष्कर्म और हत्या की वारदात को अंजाम दिया बल्कि इससे पहले एक अन्य स्थान पर भी गंभीर अपराध किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने मोबाइल फोन तक बेच दिए थे ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर उसे पकड़ लिया।
सूत्रों के अनुसार अलवर का रहने वाला आरोपी मंगलवार रात एक परिचित के घर पहुंचा था जहां उसने एक महिला के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए अपने मोबाइल फोन 10,000 रुपये में बेच दिए इसके अलावा परिवार के अन्य दो फोन भी उसने बेच दिए बाद में 6,000 रुपये में गाड़ी किराए पर लेकर वह दिल्ली पहुंचा। बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे वह सीसीटीवी कैमरे में अमर कॉलोनी की ओर जाते हुए दिखाई दिया उसे पता था कि घर में सुबह के समय माता-पिता जिम जाते है और घर में डुप्लीकेट चाबी रखी रहती है इसी जानकारी का फायदा उठाकर वह घर में घुसा।
घर के अंदर वह सीधे छत पर बने स्टडी रूम में पहुंचा जहां पीड़िता पढ़ाई कर रही थीं। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पीड़िता से कहा कि उसे काम के लिए बुलाया गया है। इसके बाद उसने पैसे की मांग की और जब पीड़िता ने इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद उसने लैंपशेड से पीड़िता पर हमला कर उन्हें बेहोश कर दिया और फिर दुष्कर्म किया इसके बाद मोबाइल चार्जर के तार से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का मकसद लूटपाट था। वह घर में मौजूद लॉकर की जानकारी पहले से जानता था। पीड़िता के शव को नीचे खींचकर उसने लॉकर खोलने की कोशिश की। उसने अंगूठे के निशान से लॉकर खोलने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी कारणों से यह सफल नहीं हुआ।
इसके बाद उसने स्क्रूड्राइवर की मदद से लॉकर तोड़कर लगभग ढाई लाख रुपये नकद और गहने चुरा लिए। सबूत मिटाने के लिए उसने अपने खून लगे कपड़े बदले और पीड़िता के भाई के कपड़े पहन लिए। जूते बदलकर वह चप्पल पहनकर वहां से फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज में उसे लगभग 7 बजकर 20 मिनट पर बैग लेकर घर से निकलते हुए देखा गया। आरोपी दिल्ली के द्वारका स्थित एक होटल में छिपा हुआ था। हालांकि उसने अपने पंजीकृत मोबाइल फोन बेच दिए थे, लेकिन एक चोरी किया हुआ फोन वह इस्तेमाल कर रहा था। इसी फोन की ट्रैकिंग से पुलिस को उसका सुराग मिला।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि वह होटल के वाई-फाई नेटवर्क के जरिए इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा था। उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों और तकनीकी निगरानी से जांच को गति मिली। सूत्रों के अनुसार फरार रहने के दौरान वह लगातार गुरुग्राम में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार से संपर्क में था। उसी रिश्तेदार से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल जारी है।