अमेरिका के साथ संघर्ष की शुरुआत में ही ईरान का सुप्रीम लिडर मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) बुरी तरह से घायल हो गया है। होश में है लेकिन चोट इतनी ज्यादा है कि ठीक तरह से बात भी नहीं कर पा रहे हैं। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक मीडिया रिपोर्ट में ईरान के चार वरिष्ठ नेताओं के हवाले से यह दावा किया गया है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मुजतबा का एक पैर कट गया है, होठ और मुंह के आसपास का हिस्सा इतनी बुरी तरह से झुलस गया है कि ठीक तरह से वह बात भी नहीं कर पा रहे हैं। संभावना जतायी जा रही है कि प्लास्टिक सर्जरी की जा सकती है।
देशवासियों को धन्यवाद देते हुए ईरान के सुप्रीम लिडर मुजतबा ने कहा है कि आम जनता की अभूतपूर्व एकता की वजह से ही दुश्मनों के बीच दरार पड़ गयी है। गौरतलब है कि ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लिडर अयातुल्लाह अली खामेनेई अमेरिका-इजरायल के हमले के पहले दिन ही मिसाइल हमले में मारे जा चुके हैं।
उसी समय अयातुल्लाह के मंझले बेटे मुजतबा को भी चोट आयी थी। अयातुल्लाह की मौत के बाद मुजतबा को ईरान की एक्सपर्ट असेंबली ने नया सुप्रीम लिडर चुना लेकिन वह अब तक सामने नहीं आए थे।
ईरान के 4 वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खामेनेई के एक पैर में 3 बार ऑपरेशन हो चुका है। प्रॉस्थेटिक लेग (नकली पैर) लगाया जा सकता है। उनके एक हाथ का भी ऑपरेशन हुआ है। फिलहाल खामेनेई बिस्तर से नहीं उठ सकते हैं लेकिन धीरे-धीरे वह स्वस्थ हो रहे हैं।
इस रिपोर्ट में ही दावा किया गया है कि मुंह और होठ झुलस जाने की वजह से वह ठीक से बात नहीं कर पा रहे हैं। भविष्य में उनकी प्लास्टिक सर्जरी भी की जा सकती है। संभवतः इसी वजह से वह अभी तक सार्वजनिक रूप से कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। किसी गुप्त ठिकाने से सिर्फ लिखित विज्ञप्ति जारी कर रहे हैं जिसे कोई और पढ़कर सुना रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कागज पर हाथ से लिखकर उसे एक लिफाफे में पूरी तरह से सील कर दिया जाता है। इसके बाद किसी भरोसेमंद व्यक्ति के हाथों वह अपने गुप्त ठिकाने से वह संदेश बाहर भिजवाते हैं। कोई सवाल पूछने पर जवाब भी इसी तरह से भेजा जाता है।
बताया जाता है कि वह अपनी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के भी संपर्क में नहीं है। इसलिए ईरान की पूरी सत्ता फिलहाल सेना के हाथों में है। दावा किया जा रहा है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेस्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अलग-थलग पड़ गए हैं।