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“पंजाब के गद्दार”-AAP में टूट के बाद संजय सिंह का बड़ा हमला, 7 सांसदों पर बरसे

BJP पर “ऑपरेशन लोटस” का आरोप, केजरीवाल ने भी साधा निशाना, राघव चड्ढा के दावे से सियासी हलचल।

By श्वेता सिंह

Apr 24, 2026 18:38 IST

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई जब पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय के दावे के बाद विवाद गहराता चला गया। संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन सांसदों को “पंजाब के गद्दार” बताया और कहा कि जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

BJP पर “ऑपरेशन लोटस” का आरोप

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मिलकर “ऑपरेशन लोटस” चला रहे हैं। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य पंजाब में भगवंत मान सरकार के कामकाज को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि यह पूरी कोशिश पंजाब की प्रगति को रोकने की साजिश है।

7 सांसदों के नाम लेकर तीखा हमला

संजय सिंह ने दावा किया कि राज्यसभा में AAP के 7 सांसद BJP में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने जिन नामों का उल्लेख किया, उनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को इन नामों को याद रखना चाहिए।

“बैकस्टैबिंग की राजनीति”-AAP का BJP पर वार

संजय सिंह ने BJP पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह पार्टी किसानों और पंजाब की जनता के साथ “धोखा” करती आई है। उन्होंने कहा कि इन सांसदों के फैसले को जनता स्वीकार नहीं करेगी।

भगवंत मान ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो सांसद BJP में जा रहे हैं, वे पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उन्होंने उन्हें “गद्दार” करार दिया। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि BJP ने पंजाब के लोगों के साथ अन्याय किया है और उन्हें “धक्का” दिया है।

राघव चड्ढा का दावा और पार्टी से अलग रुख

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब राघव चड्ढा ने दावा किया कि AAP के 10 में से 7 सांसद BJP में विलय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और वह “जनता के करीब” जाना चाहते हैं।चड्ढा को हाल ही में राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया था। इसके बाद उन पर BJP के प्रति नरम रुख अपनाने के आरोप लगे, जिन्हें उन्होंने “संगठित अभियान” बताया।

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