पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में आसानी से विश्वास मत हासिल कर लिया। इस परिणाम ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एकजुटता को फिर से स्थापित किया और राज्य में राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया के पूरा होने का संकेत दिया जो नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद शुरू हुई थी।
भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड) और एनडीए के अन्य घटक दलों के समर्थन से विश्वास प्रस्ताव सुगमता से पारित हुआ जिससे सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार पर उनका भरोसा स्पष्ट रूप से सामने आया। विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करने के तुरंत बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वे उन्हें “निर्वाचित मुख्यमंत्री” से “चयनित मुख्यमंत्री” बनने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि उन्हें खुशी है कि “लालू प्रसाद यादव की पाठशाला” के एक स्नातक ने यह पद संभाला है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि विकास कार्यों के लिए सरकार में स्थिरता जरूरी होती है लेकिन बिहार एक अनोखा राज्य है जहां पांच वर्षों में यह पांचवीं सरकार बनी है। हम सम्राट चौधरी को ‘निर्वाचित मुख्यमंत्री’ से ‘चयनित मुख्यमंत्री’ बनने के बदलाव के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं।
हमें खुशी है कि लालू प्रसाद यादव की ‘पाठशाला’ के एक स्नातक ने यह पद संभाला है। हमारे लिए इससे बेहतर क्या हो सकता है कि वे मुख्यमंत्री बने?” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि “सत्ता किसी की निजी विरासत नहीं होती” और अपने मुख्यमंत्री बनने का श्रेय एनडीए के नेतृत्व तथा बिहार की जनता को दिया।
उन्होंने कहा सत्ता किसी की विरासत नहीं है। मुख्यमंत्री का पद 14 करोड़ बिहारवासियों का आशीर्वाद है। मुझे नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी का आशीर्वाद प्राप्त है।
सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि अगर नीतीश कुमार नहीं होते तो क्या लालू यादव मुख्यमंत्री बन पाते? नीतीश कुमार ने ही लालू यादव को मुख्यमंत्री बनाया था। अगर लालू यादव ने मेरे राजनीतिक जीवन में अत्याचार नहीं किया होता तो मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन पाता।
सम्राट चौधरी बिहार के पहले भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री हैं। वे एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसकी राजनीति में गहरी जड़ें रही हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी तारापुर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे है जबकि उनकी मां पार्वती देवी ने 1998 में समता पार्टी की टिकट पर इसी सीट से जीत हासिल की थी।
बता दें, समता पार्टी का अस्तित्व अब खत्म हो चुका है। सम्राट चौधरी को 2023 में भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था और बाद में 2024 में वे बिहार के उपमुख्यमंत्री बने। नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया गया।