चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी में हुए विभाजन के बाद केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शरद पवार और शिव सेना (यूबीटी) की तरह ही उनकी पार्टी के साथ भी “वही वॉशिंग मशीन” इस्तेमाल की गई है। मुख्यमंत्री मान ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे सात सांसद पंजाब के लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए भगवंत मान ने कहा जो सात सांसद भाजपा में जा रहे है वे पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते वे गद्दार है उन्हें भाजपा में भी कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा भाजपा ने पंजाब के साथ विश्वासघात किया है यही ‘वॉशिंग मशीन शरद पवार की पार्टी, शिव सेना (यूबीटी) और कांग्रेस में भी इस्तेमाल की गई है। पंजाब में भाजपा की कोई मजबूत पकड़ नहीं है।
इस बीच पार्टी के तीन सांसद-राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल-ने पार्टी में टूट की घोषणा करते हुए कहा कि राज्यसभा में पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी में विलय का निर्णय लिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने कहा हमने निर्णय लिया है कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य भारतीय संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए स्वयं को भारतीय जनता पार्टी में विलय करेंगे। इस दौरान संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी उनके साथ मौजूद थे।
सवालों का जवाब देते हुए राघव चड्ढा ने बताया कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सदस्य है जिनमें से 7 ने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। चड्ढा ने कहा कि यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि आम आदमी पार्टी अपने मूल विचारों से भटक गई है और अब निजी लाभ के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा जिस आम आदमी पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी 15 साल की जवानी दी वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक चुकी है। अब यह पार्टी देशहित में नहीं बल्कि व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है। पिछले कुछ वर्षों से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं। इसलिए आज हम घोषणा करते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी से दूरी बना रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब कुछ ही दिन पहले आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया था।