वॉशिंगटन : भारत और अमेरिका के बीच वाणिज्यिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में बातचीत जारी रखने की इच्छा दोनों देशों ने जताई है। हाल ही में वॉशिंगटन में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच तीन दिनों तक चली बैठक समाप्त हुई। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने दावा किया कि इस चरण की वार्ता सकारात्मक रही है। कुछ समय के ठहराव के बाद भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा फिर से शुरू हुई है। इस बैठक के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए है कि वाणिज्यिक संबंधों पर बातचीत की गति बनाए रखने के लिए भविष्य में भी संपर्क जारी रखा जाएगा। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस बैठक को लेकर कूटनीतिक और आर्थिक हलकों में काफी रुचि देखी जा रही थी।
शुक्रवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें अमेरिकी बाजार में प्रवेश के अवसर बढ़ाना, गैर-शुल्क बाधाएं, तकनीकी अड़चनें, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाना, व्यापार को सुगम बनाना, निवेश बढ़ाने की संभावनाएं, आर्थिक सुरक्षा से जुड़े समन्वय और डिजिटल व्यापार जैसे विषय शामिल थे।
इन चर्चाओं से यह संकेत मिलता है कि दोनों देश केवल वस्तुओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक आर्थिक संबंध स्थापित करने में रुचि रखते हैं। सरकारी बयान के अनुसार पूरी बातचीत अत्यंत रचनात्मक और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यावहारिक और यथार्थवादी चर्चा की साथ ही यह भी कहा गया कि बातचीत का दृष्टिकोण भविष्य को ध्यान में रखते हुए रखा गया। विशेषज्ञों के एक वर्ग का मानना है कि इन वार्ताओं के चलते भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध और गहरे हो सकते हैं। उनके अनुसार यह पहल केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।