कोलकाता: कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) के दौरान मोटरसाइकिल के इस्तेमाल को लेकर अहम और संतुलित आदेश जारी किया है। अदालत ने साफ किया है कि मतदान से 48 घंटे पहले से किसी भी तरह की संगठित बाइक रैली, काफिला या समूह में मोटरसाइकिल चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह मामला चुनाव आयोग (Election Commission of India) के उस निर्देश से जुड़ा था, जिसमें मतदान से 72 घंटे पहले से ही बाइक मूवमेंट पर नियंत्रण लगाने की बात कही गई थी। इस आदेश को चुनौती देते हुए मामला हाईकोर्ट पहुंचा था।
सुनवाई के दौरान सिंगल बेंच ने पहले चुनाव आयोग के 72 घंटे वाले नियम पर सवाल उठाते हुए उसे संशोधित कर 12 घंटे पहले से लागू करने की बात कही थी। इसके बाद मामला डिवीजन बेंच में गया, जहां विस्तृत सुनवाई के बाद अंतिम निर्णय लिया गया। डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, इसलिए किसी भी राजनीतिक उद्देश्य से होने वाली बाइक रैली या समूह में आवाजाही पर रोक जरूरी है। इसी आधार पर अदालत ने मतदान से 48 घंटे पहले से यह प्रतिबंध लागू करने का आदेश दिया।
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश आम नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्रभावित नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति अपने निजी काम के लिए मोटरसाइकिल का उपयोग कर सकता है, बशर्ते वह किसी राजनीतिक प्रदर्शन या समूह गतिविधि का हिस्सा न हो। पिछली सुनवाई में अदालत ने चुनाव आयोग से यह भी सवाल किया था कि क्या हालात इतने गंभीर हैं कि कड़े कदम उठाने की जरूरत पड़े। उस दौरान अदालत ने पिछले वर्षों में बाइक से जुड़ी घटनाओं और कानून-व्यवस्था के आंकड़ों पर भी टिप्पणी की थी।
नए आदेश के बाद चुनावी राज्य में बाइक रैलियों और संगठित शक्ति प्रदर्शन पर सख्ती लागू हो गई है, जबकि व्यक्तिगत आवागमन को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है।