नई दिल्ली/ कोलकाता: एक अहम कदम उठाते हुए गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में कच्चे बमों की बरामदगी से जुड़े मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। मंत्रालय का मानना है कि इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर पहलू और किसी बड़े षड्यंत्र की आशंका हो सकती है।
यह फैसला उस घटना के बाद लिया गया है, जिसमें 25 अप्रैल को कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल के भांगर क्षेत्र के उत्तर काशीपुर थाना में मामला दर्ज किया था। प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता, 2023 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। पुलिस को कच्चे बम और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के भंडारण की पुख्ता जानकारी मिली थी।
सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए राज्य पुलिस ने 79 गोल आकार की संदिग्ध वस्तुएं बरामद कीं, जिन्हें कच्चे बम माना जा रहा है। ये जूट की रस्सियों से बंधी हुई थीं और इनके साथ अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी मिली। ये सभी विस्फोटक दक्षिण 24 परगना जिले के उत्तर काशीपुर थाना क्षेत्र के माझेरहाट (पोलपाड़ा) गांव में एक कब्रिस्तान के पास स्थित परित्यक्त मकान में छिपाकर रखे गए थे। इस मामले में शामिल लोग फिलहाल अज्ञात बताए जा रहे हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आता है। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह विस्फोटकों का अवैध भंडारण और उपयोग न केवल लोगों की सुरक्षा बल्कि संपत्ति के लिए भी बड़ा खतरा है और इससे आम नागरिकों में डर और दहशत फैलाने की मंशा हो सकती है।
मामले की गंभीरता, संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम और व्यापक साजिश की जांच की जरूरत को देखते हुए गृह मंत्रालय ने एनआईए को जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश एनआईए अधिनियम, 2008 की धारा 6(5) और धारा 8 के तहत जारी किया गया है, जिसके तहत एजेंसी अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी।