राजस्थान का झुंझुनूं शहर आज गहरे शोक में डूबा हुआ है। जिला मुख्यालय की मंड्रेला रोड पर ईशरपुरा के समीप शनिवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। जो चार दोस्त कुछ देर पहले तक एक साथ हंसी-मजाक कर रहे थे और सुनहरे सपने बुन रहे थे उनमें से तीन अब इस दुनिया में नहीं रहे। इस दर्दनाक घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।
जानवर को बचाने के चक्कर में काल बनी रफ्तार
मिली जानकारी के अनुसार विजय ढंढ, गौरव सैनी, सुनील शुक्ला और जितेंद्र वालिया एक कार में सवार होकर सोनासर में आयोजित एक भजन संध्या से वापस लौट रहे थे। भक्ति भाव और खुशियों के बीच सफर कट रहा था लेकिन ईशरपुरा के पास अचानक सड़क पर एक बेसहारा जानवर सामने आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार कार के सामने अचानक आए जानवर को बचाने की कोशिश में चालक ने संतुलन खो दिया। कार इतनी अनियंत्रित हुई कि वह सड़क पर कई बार पलटते हुए क्षतिग्रस्त हो गई।
तीन घरों में पसरा सन्नाटा
हादसा इतना वीभत्स था कि विजय, गौरव और सुनील ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार की हालत देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता था कि टक्कर कितनी जबरदस्त रही होगी। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र वालिया को तुरंत बीडीके अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है। वहीं मृत घोषित किए गए तीनों युवकों के शवों को पोस्टमार्टम किया गया।
एक साथ उठेगी तीन दोस्तों की अर्थी
इस खबर के फैलते ही पूरे शहर में सन्नाटा पसर गया है। सबसे ज्यादा गमगीन करने वाली बात यह है कि ये तीनों दोस्त हमेशा साथ रहा करते थे और अब इनकी अंतिम यात्रा भी एक साथ ही निकलेगी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और अस्पताल के बाहर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल का मुआयना किया है।