हैदराबाद : तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को देश के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ को रवाना किया जिसे स्काईरूट एयरोस्पेस ने हैदराबाद में डिजाइन और विकसित किया है। यह रॉकेट श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के लिए रवाना किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य तेजी से देश का एयरोस्पेस हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और सरकार इस क्षेत्र में तेलंगाना को अग्रणी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह अत्यंत उत्साहजनक है कि स्काईरूट एयरोस्पेस भारत के पहले निजी ऑर्बिटल लॉन्च की तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस रॉकेट को औपचारिक रूप से लॉन्च साइट के लिए रवाना किया गया है और आने वाले महीनों में इसका ऑर्बिटल लॉन्च किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्काईरूट टीम की सराहना करते हुए कहा कि 2022 में कंपनी ने अपना पहला रॉकेट लॉन्च किया था और इतने कम समय में ऑर्बिटल लॉन्च तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना एयरोस्पेस क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है और बोइंग, एयरबस तथा सफ्रान जैसी वैश्विक कंपनियां पहले से ही राज्य में मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना का लक्ष्य वर्ष 2047 तक एयरोस्पेस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना है और राज्य सरकार इस क्षेत्र को प्रमुख विकास क्षेत्र के रूप में देख रही है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 के बाद से राज्य में इंजीनियरिंग निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
केंद्रीय सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2023-24 से 2024-25 के बीच तेलंगाना ने देश में इंजीनियरिंग निर्यात में 117.9 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की है जिसमें विमान घटकों और रक्षा उपकरणों का बड़ा योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और इसके लिए वैश्विक विश्वविद्यालयों तथा औद्योगिक कंपनियों के साथ साझेदारी की जा रही है। सरकार एयरोस्पेस कंपनियों को नीति, बुनियादी ढांचे और प्रतिभा के रूप में पूरा सहयोग देगी।
उन्होंने बताया कि उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर और उन्नत पॉलिटेक्निक कॉलेजों के माध्यम से लागू किए जाएंगे। एटीसी और पॉलिटेक्निक संस्थानों को स्किल्स यूनिवर्सिटी के तहत लाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन संस्थानों में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है और टाटा टेक्नोलॉजीज पहले से ही राज्य के एटीसी केंद्रों में स्टाफ को प्रशिक्षण दे रही है।
मुख्यमंत्री की सलाह पर स्काईरूट एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक पवन कुमार चंदना ने यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ सहयोग में रुचि जताई।
उन्होंने कहा कि स्किल्स यूनिवर्सिटी की अवधारणा अनूठी है और यह कंपनी को आवश्यक कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रशिक्षित और कुशल कर्मियों की उपलब्धता है और ऐसे में स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी लाभकारी होगी।
मुख्यमंत्री ने स्काईरूट को हैदराबाद के मल्लेपल्ली स्थित एटीसी केंद्र का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि स्किल्स यूनिवर्सिटी पाठ्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार बदलने में पूरी लचीलापन प्रदान करती है।
उन्होंने राज्य की स्कूली शिक्षा प्रणाली में सुधार की योजनाओं पर भी चर्चा की और कहा कि सरकारी स्कूलों में प्रति छात्र 1.08 लाख रुपये वार्षिक खर्च के बावजूद परिणाम अपेक्षित नहीं है इसलिए इस समस्या के समाधान के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव बी. अजीत रेड्डी, स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी नागा भारत डाका तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।