अमरावती : मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार मुंबई से अमरावती रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री नायडू ने मुख्य सचिव सायी प्रसाद और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जिलेवार स्थिति से अवगत कराया। राज्य में कुल 4,510 ईंधन आउटलेट्स में से लगभग 421 पेट्रोल पंप आपूर्ति बाधाओं के कारण अस्थायी रूप से बंद हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि ईंधन आपूर्ति में पहले की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है फिर भी घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) के कारण कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन लगभग 6,330 किलोलीटर पेट्रोल और 9,048 किलोलीटर डीजल की बिक्री होती है। लेकिन कमी की आशंका के चलते मांग में अचानक तेज वृद्धि हुई है।
शनिवार को ही पेट्रोल की बिक्री 10,345 किलोलीटर और डीजल की बिक्री 14,156 किलोलीटर तक पहुंच गई। सामान्य स्तर की तुलना में बिक्री 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ जाने के कारण ईंधन स्टेशनों पर स्टॉक तेजी से समाप्त हो रहा है। आपूर्ति बढ़ाए जाने के बावजूद घबराहट में खरीदारी से लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ताओं को असुविधा हो रही है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) क्षेत्र में ईंधन अक्सर ड्रमों में खरीदा जाता है जिससे आपूर्ति प्रबंधन में अतिरिक्त चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों और मत्स्य विभाग के अधिकारियों को तुरंत कार्य योजना लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने आगे अधिकारियों को निर्देश दिया कि शाम तक एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा उठाए गए कदमों और समस्या के समाधान की प्रगति का विवरण शामिल हो।
इसी बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सरकार ने घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की “100 प्रतिशत आपूर्ति” सुनिश्चित कर दी है और बदलते पश्चिम एशिया हालात के बीच नागरिकों से घबराहट में खरीदारी से बचने की अपील की है।
मंत्रालय ने विस्तृत जानकारी में कहा चल रही भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद सरकार ने घरेलू एलपीजी, घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की है। इसके साथ ही मंत्रालय ने बताया कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (पीएसयू ओएमसी) के खुदरा आउटलेट्स पर नियमित खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और कोई मूल्य वृद्धि नहीं हुई है।
यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे वैश्विक तेल मार्ग को लेकर चिंता जताई जा रही है। सरकार ने नागरिकों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचें क्योंकि सरकार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।