नयी दिल्ली/कोलकाताः पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले अवैध प्रलोभनों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने सोमवार को बताया कि राज्य में अब तक जब्ती की कुल राशि 510 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। यह आंकड़ा 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज 339 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है।
आयोग के अनुसार इलेक्शन सीज़र मैनेजमेंट सिस्टम के तहत 26 फरवरी से 27 अप्रैल के बीच बड़े पैमाने पर बरामदगी दर्ज की गई। इसमें लगभग 30 करोड़ रुपये नकद, करीब 126.85 करोड़ रुपये की 48,46,183 लीटर शराब, 110.12 करोड़ रुपये की ड्रग्स, 58.28 करोड़ रुपये के कीमती धातु और 184.85 करोड़ रुपये के अन्य मुफ्त सामान शामिल हैं।
ECI ने यह भी बताया कि चुनाव वाले राज्यों में मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों (DGP) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई समीक्षा बैठकें की गईं। इन बैठकों में प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख भी शामिल रहे और जोर इस बात पर रहा कि चुनाव पूरी तरह हिंसा-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त हों।
निगरानी को मजबूत करने के लिए आयोग ने राज्यभर में 2,728 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें तैनात की हैं ताकि शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के भीतर किया जा सके। इसके अलावा 3,142 स्टैटिक सर्विलांस टीमें विभिन्न स्थानों पर औचक जांच कर रही हैं। अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और वितरण पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इससे पहले आयोग ने पश्चिम बंगाल पुलिस को राज्यभर में बम बनाने में शामिल लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया था। अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर ऐसे सभी खतरनाक सामान जब्त करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही कोलकाता पुलिस के पुलिस आयुक्त, सभी डीसीपी, एसपी और थानों के प्रभारी अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया गया है कि उनके क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी या डराने-धमकाने की घटनाएं सामने आने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी भी घटना के लिए संबंधित अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा बम बनाने से जुड़े मामलों समेत सभी मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और राज्य में शांतिपूर्ण चुनावी माहौल बना रहे।