नई दिल्ली/कोलकाता: नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात (Mann Ki Baat) में 2027 की जनगणना को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि जनगणना के दौरान साझा की जाने वाली सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “राष्ट्रीय जनगणना केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह हम सभी की जिम्मेदारी है।” उन्होंने लोगों से इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है।
मोदी ने बताया कि जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के जरिए डेटा दर्ज करेंगे। साथ ही नागरिकों के लिए ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिसके तहत लोग खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। यह सुविधा अधिकारी के दौरे से 15 दिन पहले शुरू हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के बाद नागरिकों को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिससे वे अपने डेटा की पुष्टि कर सकेंगे। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस बार की जनगणना प्रक्रिया पहले के मुकाबले अधिक आसान, पारदर्शी और तकनीक-आधारित होगी।
गौरतलब है कि डिजिटल सुरक्षा और डेटा लीक को लेकर लोगों में आशंका देखी जा रही है, जिसके कारण कई जगहों पर सरकारी कर्मियों को सहयोग नहीं मिल रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह आश्वासन अहम माना जा रहा है।
अपने संबोधन में मोदी ने रवींद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) को भी याद किया और उनकी जयंती (25 बैसाख) का उल्लेख करते हुए उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की रचनाओं और विचारों का प्रभाव आज भी पूरी दुनिया में देखा जाता है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा का भी जिक्र करते हुए भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला।