नई दिल्ली : दाऊद इब्राहिम के ड्रग नेटवर्क से जुड़े कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को मंगलवार को इस्तांबुल से प्रत्यर्पित कर दिल्ली के तकनीकी हवाई अड्डे लाया गया। यह कार्रवाई खुफिया विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से चलाए गए एक ऑपरेशन के तहत की गई। डोला को IGI एयरपोर्ट पर NCB ने गिरफ्तार किया। फिलहाल उससे विभिन्न खुफिया एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। आगे की प्रक्रिया के तहत सलीम डोला को मुंबई पुलिस को सौंपा जाएगा, जहां उससे कई एजेंसियां मिलकर पूछताछ करेंगी।
तुर्किये के मीडिया आउटलेट सीएनएन तुर्किये के अनुसार इंटरपोल रेड नोटिस के तहत वांछित इस भारतीय ड्रग सरगना को इस्तांबुल में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान तुर्की अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था।
सलीम डोला को 25 अप्रैल को उस समय पकड़ा गया, जब इस्तांबुल पुलिस विभाग की नारकोटिक्स अपराध शाखा ने उसे पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया। वह बेयलिकदुज़ु इलाके में एक आवास में छिपा हुआ था। भारत में की गई छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने लगभग 126 किलोग्राम मेफेड्रोन और 25,22,000 रुपये नकद बरामद किए थे। इस्तांबुल पुलिस विभाग ने इस हाई-प्रोफाइल अभियुक्त से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। तुर्किये में की गई यह कार्रवाई भारत में चल रही जांच से भी जुड़ी हुई है। कुर्ला क्षेत्र में पकड़े गए अभियुक्तों ने कथित तौर पर पूछताछ के दौरान बताया कि उन्हें निर्देश सलीम डोला से मिलते थे, जैसा कि सीएनएन तुर्क ने रिपोर्ट किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मादक पदार्थों के गिरोहों और उनके सरगनाओं के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति दोहराई। यह बयान सलीम डोला के भारत प्रत्यर्पण के बाद आया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए संदेश में अमित शाह ने कहा कि मोहम्मद सलीम डोला को तुर्किये से वापस लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान भारतीय मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहुंच मजबूत की है। ड्रग कार्टेल्स को पूरी तरह ध्वस्त करने के अभियान के तहत भारतीय एजेंसियां वैश्विक नेटवर्क के माध्यम से सीमाओं के पार भी सक्रिय हैं। अब चाहे अपराधी कहीं भी छिपे हों, उनके लिए कोई स्थान सुरक्षित नहीं रहेगा।