चंडीगढ़ : अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया और चार अन्य लोगों के खिलाफ कथित रूप से सरकारी अनुदान के दुरुपयोग के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी।सेक्टर 12 निवासी ओम प्रकाश कटारिया द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुग्राम की अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
करीब एक वर्ष पहले दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और तत्कालीन मंत्री रहते हुए सुखबीर कटारिया ने अपने ही घर की मरम्मत के लिए लगभग 20 लाख रुपये का सरकारी अनुदान जारी किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार इस अनुदान को अनंत सिंह, शर्मिला देवी और बसंती देवी के नाम पर स्वीकृत दिखाया गया था जबकि वास्तविक रूप से वह मकान पूर्व मंत्री का ही था। इस दावे के समर्थन में बिजली बिल सहित कई दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए गए थे।
शिकायतकर्ता ने पीटीआई को बताया कि अदालत ने इस मामले में गुरुग्राम पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद पुलिस ने दो रिपोर्ट प्रस्तुत कर पूर्व मंत्री को क्लीन चिट दे दी थी।
हालांकि अदालत ने इन रिपोर्टों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अनुदान की पुष्टि तो की गई है लेकिन उसकी वैधता की उचित जांच नहीं की गई। इसके बाद अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह एक संज्ञेय अपराध बनता है और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अदालत के निर्देश पर न्यू कॉलोनी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और विस्तृत जांच जारी है।
वहीं, पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया ने संपर्क किए जाने पर कहा कि इस मामले में दो बार एसआईटी का गठन किया गया है और उन्हें पहले ही “क्लीन चिट” दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सरकारी अनुदान उपायुक्त (डीसी) और उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से सत्यापन के बाद ही जारी किए जाते हैं।