विशाखापत्तनम: जीत अडानी (Jeet Adani) ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भविष्य केवल सॉफ्टवेयर पर नहीं, बल्कि ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक मजबूत “स्ट्रक्चरल एडवांटेज” के साथ आगे बढ़ रहा है।
अडानी डिजिटल लैब्स (Adani Digital Labs) के निदेशक अडानी ने विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड (Google Cloud) इंडिया एआई (AI) हब के शिलान्यास समारोह में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने इसे भारत की डिजिटल यात्रा का एक निर्णायक मोड़ बताया।
AI की असली लागत है ऊर्जा
अडानी ने स्पष्ट कहा, “AI भले ही कोड में लिखा जाता है, लेकिन चलता बिजली पर है।” उनके अनुसार, कंप्यूटिंग की लागत का सबसे बड़ा हिस्सा ऊर्जा है, यानी “इंटेलिजेंस की लागत ही बिजली की लागत है।”
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वही देश AI की वैश्विक दौड़ में आगे रहेंगे, जो बड़े पैमाने पर मजबूत और विश्वसनीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर पाएंगे।
भारत के पास तीन बड़ी ताकतें
अडानी के अनुसार, भारत के पास इस दौड़ में आगे बढ़ने के लिए तीन प्रमुख स्तंभ हैं-विश्वास , निष्पादन क्षमता और ऊर्जा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत की डेटा सेंटर क्षमता लगभग 1.3 गीगावॉट है, लेकिन अब एक ही लोकेशन पर करीब 1 गीगावॉट क्षमता विकसित करने की योजना इस क्षेत्र में बड़े बदलाव का संकेत देती है।
विशाखापत्तनम बनेगा नया डिजिटल हब
अडानी ने कहा कि अब तक भारत के प्रमुख डिजिटल गेटवे मुंबई और चेन्नई रहे हैं, लेकिन अब यह परिदृश्य बदल रहा है।
विशाखापत्तनम में अंडरसी केबल लैंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने से यह शहर वैश्विक डेटा नेटवर्क के करीब आ रहा है और एक उभरते हुए डिजिटल गेटवे के रूप में सामने आ रहा है।
100 अरब डॉलर का बड़ा विजन
अडानी ग्रुप (Adani Group) भारत में AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 100 अरब डॉलर के निवेश पर काम कर रहा है। इस निवेश में ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन, डेटा सेंटर और डिजिटल नेटवर्क शामिल हैं।
अडानी ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म ग्रीन और भरोसेमंद ऊर्जा पर आधारित होगा, जिसे बड़े पैमाने पर तेज़ी और मजबूती के साथ विकसित किया जाएगा, ताकि देश के AI इकोसिस्टम को मजबूती मिल सके।
बड़े नेताओं की मौजूदगी में शुरुआत
इस मौके पर एन चंद्राबाबू नायडू (N. Chandrababu Naidu) ने गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैश्नव (Ashwini Vaishnaw) और राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) भी उपस्थित रहे।
यह प्रोजेक्ट अडानी, गूगल और एयरटेल (Adani, Google, Airtel) की संयुक्त पहल का हिस्सा है, जो भारत को AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जीत अडानी के बयान से साफ है कि AI की अगली लहर केवल तकनीक नहीं, बल्कि ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर आगे बढ़ेगी। भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विशाखापत्तनम इसका नया केंद्र बन सकता है।