होर्मूज जलडमरूमध्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी ईरान पूरी तरह से सेना बल को सौंप देना चाहता है। सोमवार को ईरान के राष्ट्रीय टीवी पर वहां के संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने यह चौंकाने वाली घोषणा की है।
AFP की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक रणनैतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस जलमार्ग का संचालन करने के लिए ईरान के संसद में एक विशेष कानून का प्रस्ताव दिया गया है।
'दुश्मन जहाजों' पर पूरा नियंत्रण
इब्राहिम अजीजी ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रस्तावित कानून के दायरे में ईरान की सशस्त्र बल को होर्मूज जलडमरूमध्य का मुख्य नियंत्रक बनाया जाएगा। वर्तमान में भी वहां पर सेना सक्रिय है लेकिन नई कानून के आने पर सेना को तेहरान 'दुश्मन जहाजों' की आवाजाही को पूरी तरह से बंद करने की क्षमता सौंपने जा रहा है।
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भू-राजनैतिक विश्लेषकों ने संभावना जतायी है कि इजरायल और अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने की वजह से ही यह फैसला लिया जा रहा हो।
स्वीकार होगा सिर्फ रियाल, डॉलर नहीं
नई कानून में एक और गौर करने वाले बदलाव का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें वित्तीय नियंत्रण को भी स्थान दिया गया है। अजीजी ने बताया कि इस प्रणाली से प्राप्त सभी आर्थिक सुविधाएं अथवा ट्रांजिट फी अब से ईरान की स्थानीय मुद्रा 'रियाल' में देनी होगी। अब डॉलर में स्वीकार नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि विश्व की कुल ईंधन का एक-पांचवां हिस्सा इस रास्ते से होकर ही आता-जाता है। इसलिए माना जा रहा है कि ईरान के इस फैसले से वैश्विक बाजार पर अमेरिका को बड़ा झटका लग सकता है।