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पेमेंट्स बैंक लाइसेंस रद्द होने के बावजूद 6 बड़ी ब्रोकरेज फर्म्स को कंपनी की ग्रोथ और मुनाफे पर पूरा भरोसा

6 प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स ने ‘Buy’ रेटिंग रखी कायम, मजबूत बैलेंस शीट और ग्रोथ आउटलुक पर जताया भरोसा।

By श्वेता सिंह

Apr 28, 2026 13:04 IST

मुंबई: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (Paytm Payments Bank Limited) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने के बावजूद वन 97 कम्यूनिकेशंस लिमिटेड (One 97 Communications Limited) (पेटीएम) के बिजनेस मॉडल पर ब्रोकरेज हाउसेस का भरोसा बना हुआ है। देश और विदेश की करीब छह प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स ने कंपनी पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए कहा है कि इस नियामकीय कार्रवाई का पेटीएम के वित्तीय या परिचालन प्रदर्शन पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।

ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेटीएम पहले ही अपने पेमेंट्स बैंक से दूरी बना चुका था। एमके ग्लोबल फाइनेंसियल सर्विसेज (Emkay Global Financial Services) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कंपनी ने PPBL के साथ सभी व्यावसायिक समझौते पहले ही समाप्त कर दिए थे और मार्च 2024 तक उसमें किए गए निवेश को पूरी तरह से ‘राइट-ऑफ’ कर दिया था। इस वजह से अब पेटीएम और पेमेंट्स बैंक के बीच कोई वित्तीय निर्भरता नहीं बची है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पेटीएम को कानूनी रूप से पेमेंट्स बैंक से अलग (रिंग-फेंस्ड) रखा गया है। साथ ही, नवंबर 2025 में आरबीआई द्वारा पेटीएम को पेमेंट एग्रीगेटर का अंतिम लाइसेंस दिया जाना नियामकीय भरोसे का संकेत माना जा रहा है।

ग्रोथ और मुनाफे को लेकर सकारात्मक रुख

वैश्विक ब्रोकरेज जेफरिज़ (Jefferies) ने पेटीएम के ग्रोथ आउटलुक को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। फर्म के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी का राजस्व 22 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ सकता है।

इसके साथ ही, एडजस्टेड EBITDA मार्जिन के वित्त वर्ष 2028 तक 16 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जो कंपनी की लाभप्रदता में सुधार का संकेत देता है।

निवेश पहले ही किया जा चुका है समाप्त

Goldman Sachs के अनुसार, पेटीएम की PPBL में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जिसे कंपनी पहले ही 2024 में पूरी तरह से लिख-ऑफ कर चुकी है। फिलहाल कंपनी को पेमेंट्स बैंक से कोई आय प्राप्त नहीं होती है।

फर्म ने यह भी कहा कि पेटीएम के कारोबार में मजबूती बनी हुई है और कंपनी का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) 26 प्रतिशत की दर से सालाना बढ़ रहा है। उपभोक्ता और मर्चेंट दोनों सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में भी सुधार देखने को मिला है।

कुछ जोखिमों पर नजर जरूरी

हालांकि अधिकांश ब्रोकरेज पेटीएम को लेकर आश्वस्त हैं, लेकिन कुछ ने सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। इनवेस्टेक इक्विटिस (Investec Equities) ने कहा कि निकट अवधि में मर्चेंट सब्सक्रिप्शन जोड़ने की रफ्तार पर नजर रखना जरूरी होगा। दिसंबर तिमाही (3QFY26) तक कंपनी के पास 1.44 करोड़ डिवाइस थे और हर तिमाही 6 से 7 लाख नए डिवाइस जोड़े जा रहे हैं।

वहीं, BofA Securities ने आरबीआई के बयान के स्वर पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि मौजूदा बिजनेस पर असर नहीं है, लेकिन भविष्य में नए लाइसेंस हासिल करना कंपनी के लिए कुछ चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

कोर बिजनेस बना रहेगा मजबूत

Bernstein का मानना है कि पेमेंट्स बैंक के बाहर होने से पेटीएम के मुख्य भुगतान कारोबार की संरचना पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मर्चेंट एक्वायरिंग कंपनी की प्रमुख ताकत बनी रहेगी और आगे भी ग्रोथ को गति देती रहेगी।

शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान

आरबीआई के फैसले के बावजूद निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। मंगलवार को पेटीएम की मूल कंपनी One 97 Communications का शेयर 1141 रुपये पर खुला, जो पिछले बंद स्तर से 1.03 प्रतिशत अधिक था।

कुल मिलाकर, ब्रोकरेज हाउसेस का मानना है कि आरबीआई की कार्रवाई का पेटीएम के कोर बिजनेस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। मजबूत बैलेंस शीट, पर्याप्त नकदी और डिजिटल भुगतान क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं के चलते कंपनी के लिए आगे भी विकास के अवसर बने हुए हैं।

(समाचार एई समय कहीं भी निवेश करने की सलाह नहीं देता है। शेयर बाजार या किसी भी निवेश में जोखिम होता है। निवेश से पहले पूरी जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। यह खबर केवल शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)

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