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श्रेयस अय्यर ने खोला ‘चेजमास्टर’ बनने का राज, आलोचनाओं से मिली नई ताकत

प्रैक्टिस रूटीन और कोचिंग ने बदला खेल, 300 गेंदों की ट्रेनिंग से आया बदलाव।

चंडीगढ़ : कभी शॉर्ट गेंदों के खिलाफ कमजोर प्रदर्शन को लेकर लगातार आलोचना झेल चुके श्रेयस अय्यर अब उसी कमजोरी को अपनी ताकत में बदलकर एक अलग ही पहचान बना चुके हैं। आईपीएल हो या राष्ट्रीय टीम की जर्सी कई बार उन्हें इस मुद्दे पर आलोचना और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। भारतीय बल्लेबाजों में पुल शॉट खेलने वाले सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में उनकी गिनती होने लगी है। हाल ही में वानखेड़े स्टेडियम में जसप्रीत बुमराह के खिलाफ लगाया गया उनका शानदार छक्का इसका बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

इस बदलाव के पीछे का रहस्य खुद श्रेयस अय्यर ने साझा किया है। उनका कहना है कि यह किसी विशेष ट्रेनिंग का परिणाम नहीं है बल्कि लगातार हुए अपमान और आलोचनाओं ने उनके अंदर जिद पैदा की जिससे उन्होंने खुद को साबित करने का फैसला किया। इसी जिद ने उन्हें अब ‘चेजमास्टर’ के रूप में स्थापित किया है।

श्रेयस अय्यर ने क्या कहा?

इस विषय पर पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान के साथ बातचीत में श्रेयस अय्यर ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा की सब लोग कहते थे कि मैं शॉर्ट बॉल खेलने की समस्या कभी ठीक नहीं कर पाऊंगा। इसी वजह से मेरे अंदर जिद पैदा हुई। मैं बेहतर प्रदर्शन करके सबको जवाब देना चाहता था। इसलिए मैंने इस पर बहुत मेहनत की।

उन्होंने आगे बताया की पहले शॉर्ट बॉल आने पर मैं सिंगल लेने या बड़ा शॉट न खेलने की कोशिश करता था। लेकिन अब मेरी मानसिकता बदल गई है। अगर मेरे जोन में शॉर्ट बॉल आती है तो मैं उसे जरूर छक्का मारने की कोशिश करता हूं।

विशेष ट्रेनिंग और तैयारी

पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने यह भी बताया कि उन्होंने एक विशेष रूटीन अपनाया है जिसने उनके खेल को पूरी तरह बदल दिया है। नेट्स में वह लंबे समय तक बल्लेबाजी करते हैं और लगभग 50 ओवर तक बल्लेबाजी करने का लक्ष्य रखते हैं।

उन्होंने कहा की मैं प्रवीन आमरे के साथ प्रैक्टिस करता हूं। बचपन से ही उनके साथ जुड़ा हुआ हूं। इसके अलावा मैं अभिषेक नायर जैसे कोचों से भी लगातार बात करता हूं। प्रैक्टिस के दौरान मैं 300 से ज्यादा गेंदें खेलने की कोशिश करता हूं और किसी तय पैटर्न का पालन नहीं करता।

कैसे बने ‘चेज़मास्टर’?

श्रेयस अय्यर ने बताया कि अब वे क्रीज पर ज्यादा समय बिताते हैं और साइडआर्म की बजाय सीधे गेंदबाजों का सामना करना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा की इससे मेरी मूवमेंट बेहतर होती है। मैं गेंद फेंके जाने से ठीक पहले अपनी पोजिशन में आने की कोशिश करता हूं जिससे एक फ्लो बन जाता है। मैं एबी डिविलियर्स, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों को फॉलो करता हूं।

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