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दक्षिण भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क का खाका तैयार, कनेक्टिविटी में आएगी क्रांति: वैष्णव

रेल मंत्री का ऐलान-हाई-स्पीड नेटवर्क से बनेंगे नए आर्थिक कॉरिडोर, कनेक्टिविटी और विकास को मिलेगी रफ्तार

By श्वेता सिंह

Apr 28, 2026 14:37 IST

विशाखापत्तनम: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने दक्षिण भारत के लिए हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन नेटवर्क की महत्वाकांक्षी योजना का खाका पेश करते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल देगी और बड़े शहरों को एकीकृत आर्थिक क्षेत्र में बदल देगी। विशाखापत्तनम में Google Cloud इंडिया AI हब के शिलान्यास समारोह के दौरान उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नेटवर्क अमरावती, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।

यात्रा समय में क्रांतिकारी बदलाव

रेल मंत्री के अनुसार, बुलेट ट्रेन परियोजना के लागू होने के बाद यात्रा समय में अभूतपूर्व कमी आएगी। अमरावती से हैदराबाद की दूरी महज 70 मिनट में तय होगी, जबकि अमरावती से चेन्नई 112 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।

इसी तरह, हैदराबाद से पुणे 1 घंटा 55 मिनट, पुणे से मुंबई 48 मिनट, चेन्नई से बेंगलुरु 73 मिनट और हैदराबाद से बेंगलुरु लगभग 2 घंटे 8 मिनट में जुड़ जाएगा। यह समय वर्तमान यात्रा अवधि की तुलना में काफी कम है।

दक्षिण भारत में ‘हाई-स्पीड डायमंड’

वैष्णव ने कहा कि यह नेटवर्क दक्षिण भारत में “हाई-स्पीड डायमंड” का निर्माण करेगा, जिससे कई बड़े शहर एक साझा आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित होंगे। उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (Mumbai–Ahmedabad High-Speed Rail Corridor) का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे 500 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर महज 1 घंटा 57 मिनट में पूरा होगा और कई शहरों को एक आर्थिक जोन में बदल देगा। इसी तरह का प्रभाव दक्षिण भारत में भी देखने को मिलेगा।

साउथ कोस्ट रेलवे जोन को मिलेगी मंजूरी

रेल मंत्री ने घोषणा की कि लंबे समय से लंबित साउथ कोस्ट रेलवे जोन को 1 जून 2026 को अधिसूचित किया जाएगा। यह राज्य पुनर्गठन के दौरान किया गया एक महत्वपूर्ण वादा था, जिसे अब अमल में लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोलकाता से चेन्नई तक मौजूदा डबल रेलवे लाइन को चार लाइनों में बदला जाएगा। इस विस्तार से लगभग 500 नई ट्रेनों का संचालन संभव होगा, जिससे माल और यात्री परिवहन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक केंद्रों तक पहुंच और बेहतर होगी।

आंध्र प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश और विकास

रेल मंत्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश में रेलवे बजट में भारी वृद्धि हुई है। पहले जहां आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का संयुक्त बजट 886 करोड़ रुपये था, वहीं अब अकेले आंध्र प्रदेश को 10,134 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। राज्य में 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं और 74 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिससे यात्री सुविधाओं में सुधार होगा।

उद्योगों को आत्मनिर्भरता और स्थिरता पर जोर

अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने उद्योगों से भारत में सर्वर निर्माण को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने इंडिया एआई मिशन (India AI Mission) के तहत ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और डेटा सेंटर में पानी की खपत कम करने पर भी जोर दिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह ऊर्जा दक्षता, रीसाइक्लिंग और वेस्टवॉटर उपयोग जैसे क्षेत्रों में उद्योगों को पूरा सहयोग देगी, ताकि डिजिटल विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे।

डिजिटल और रेल कनेक्टिविटी से नई रफ्तार

वैष्णव ने कहा कि बेहतर रेलवे नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिलकर देश के आर्थिक विकास को नई गति देंगे और विभिन्न क्षेत्रों के बीच बेहतर एकीकरण सुनिश्चित करेंगे। दक्षिण भारत में प्रस्तावित बुलेट ट्रेन नेटवर्क न केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगा। यह परियोजना भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

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