कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सियासी सरगर्मी उस वक्त चरम पर पहुंच गई जब ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने खुद मैदान में उतरकर स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया।
गुरुवार रात करीब आठ बजे, तेज बारिश के बीच ममता बनर्जी भवानीपुर स्थित शेखावत मेमोरियल गर्वन्मेंट गर्ल्स हाई स्कूल (Sakhawat Memorial Government Girls' High School) पहुंचीं। यह वही स्थान है जहां उनके विधानसभा क्षेत्र का स्ट्रॉन्गरूम रखा गया है। नेताजी इंडोर स्टेडियम के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने यहां जाकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उनके साथ उनके चुनावी एजेंट भी मौजूद थे।
इस घटनाक्रम के दौरान फिरहाद हाकिम (Firhad Hakim) भी स्कूल परिसर पहुंचे, हालांकि उन्होंने स्ट्रॉन्गरूम के भीतर प्रवेश नहीं किया। कुछ समय बाद वे वहां से लौट गए। बाद में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के चुनावी एजेंट के भी वहां पहुंचने की जानकारी मिली, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया।
ममता बनर्जी के मौके पर पहुंचने की खबर फैलते ही भाजपा समर्थकों की भीड़ स्कूल के बाहर जमा हो गई और उन्होंने विरोध प्रदर्शन भी किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
इससे पहले दिन में ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी कर मतगणना प्रक्रिया में ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी। उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को हर स्ट्रॉन्गरूम पर कड़ी निगरानी रखने और सतर्क रहने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि वह खुद भी स्थिति पर नजर रखेंगी।
उल्लेखनीय है कि उसी दिन तृणमूल कांग्रेस ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र (Khudiram Anushilan Kendra) में स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे। इसके तुरंत बाद ममता बनर्जी का इस तरह मौके पर पहुंचना राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
पूरे घटनाक्रम ने जहां चुनावी पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है, वहीं राज्य की राजनीति में तनाव और टकराव भी बढ़ा दिया है।