नई दिल्लीः दिल्ली में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने लद्दाख के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसमें क्षेत्र के विकास, रोजगार और स्थानीय परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि लद्दाख के लोग मुख्य रूप से रोजगार और उद्योग की मांग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां के युवा अपने क्षेत्र में अवसर चाहते हैं, लेकिन वे विकास के विरोधी नहीं हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि लद्दाख में विकास ऐसा होना चाहिए जो स्थानीय लोगों को लाभ पहुंचाए और उनकी जमीन व पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित करे। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस वास्तविकता को गंभीरता से समझा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की लेह यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान हो सके।
कांग्रेस ने इस मुलाकात की तस्वीरें अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कीं। राहुल गांधी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि लद्दाख के युवाओं ने बताया है कि उनका क्षेत्र “पुलिस राज्य” की तरह महसूस कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया जा रहा है और उनकी जमीन तथा नाजुक पर्यावरण को बड़े कॉरपोरेट हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने दोहराया कि लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे ऐसा विकास चाहते हैं जो उनके हित में हो।
इस बीच लद्दाख प्रशासन ने क्षेत्रीय प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। लेफ्टिनेंट गवर्नर विनाई कुमार सक्सेना (Vinai Kumar Saxena) ने पांच नए जिलों के गठन को मंजूरी दी है। इन नए जिलों में नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास शामिल हैं, जिसके बाद केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में कुल जिलों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य शासन को अधिक प्रभावी और स्थानीय स्तर पर मजबूत बनाना है।
लद्दाख, जिसे 2019 में केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला था, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है।