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महिला आरक्षण बिल पर यूपी विधानसभा में सियासी घमासान, योगी का विपक्ष पर तीखा वार

‘एंटी-वूमेन मानसिकता’ का आरोप, 33% कोटा पर विरोध और दोहरे रवैये पर उठाए सवाल।

By श्वेता सिंह

Apr 30, 2026 17:09 IST

लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर जोरदार राजनीतिक बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सदन में विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए उन पर महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष का आचरण ऐसा है कि “गिरगिट भी शर्मा जाए।” उन्होंने सवाल उठाया कि जो दल आज 33 प्रतिशत महिला आरक्षण की मांग कर रहे हैं, उन्होंने संसद में इसका विरोध क्यों किया था। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अभी चर्चा भी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन विपक्ष पहले से ही असहज नजर आ रहा है। उनके अनुसार यह असहजता इसलिए है क्योंकि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण की प्रक्रिया में बाधा डालता रहा है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) का जिक्र करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों का व्यवहार महिलाओं के प्रति उनकी सोच को उजागर करता है।

योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने हमेशा जनहित और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ‘जन धन योजना’ जैसे कार्यक्रमों के खिलाफ भी विपक्ष ने दुष्प्रचार किया था, जबकि आज इन योजनाओं का लाभ देश की महिलाओं को सीधे मिल रहा है। उन्होंने 1995 के राजनीतिक घटनाक्रम और ‘गेस्ट हाउस कांड’ का भी उल्लेख किया और समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय एक दलित महिला नेता के साथ गलत व्यवहार किया गया था।

सीएम योगी ने राजू पाल हत्याकांड और पूजा पाल के मामले का जिक्र करते हुए विपक्ष पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष समाज को जाति के आधार पर बांटता है, लेकिन महिलाओं और कमजोर वर्गों के प्रति उसकी सहानुभूति वास्तविक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले की सरकारों में छोटी वित्तीय सहायता योजनाएं भी भ्रष्टाचार से प्रभावित रहती थीं, जबकि अब नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में सीधे लाभार्थियों के खातों में धन भेजा जा रहा है।

महिला आरक्षण बिल पर यह राजनीतिक टकराव आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है, क्योंकि पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने रुख पर कायम हैं।

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