नयी दिल्लीः I-PAC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सह-संस्थापक विनेश कुमार चंदेल को जमानत मिलने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bharadwaj) ने प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम को “लोकतंत्र का मजाक” करार दिया है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद जमानत मिलना संदेह पैदा करता है। उनका आरोप है कि ईडी ने अदालत में जमानत का विरोध नहीं किया, जो इस तरह के मामलों में असामान्य माना जाता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में भारद्वाज ने कहा कि आमतौर पर ईडी के मामलों में निचली अदालत से इतनी जल्दी जमानत मिलना मुश्किल होता है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस समर्थकों से इस पर आत्ममंथन करने की अपील भी की।
भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया गया। उनके मुताबिक, आई-पैक, जो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी के साथ पश्चिम बंगाल चुनाव में काम कर रहा था, उस पर मतदान से पहले कार्रवाई की गई। उन्होंने दावा किया कि कंपनी के दफ्तरों पर छापे पड़े, निदेशक को गिरफ्तार किया गया और कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, जिससे संगठन का काम प्रभावित हुआ।
दूसरी तरफ, दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने चंदेल को नियमित जमानत दे दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने यह फैसला ईडी के उस बयान के आधार पर सुनाया, जिसमें एजेंसी ने कहा कि आरोपी ने जांच में सहयोग किया है।
अदालत ने 2 लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के जमानती बांड पर जमानत मंजूर की है। साथ ही शर्त रखी गई है कि चंदेल बिना अदालत की अनुमति देश नहीं छोड़ेंगे, सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
फिलहाल विस्तृत आदेश आना बाकी है, लेकिन जमानत के समय और ईडी के रुख को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।